परिवर्तन टुडे न्यूज
सकलडीहा। कोतवाली क्षेत्र के ओरवा गांव में 35 वर्षीय मजदूर ने शुक्रवार की भोर में करीब 4 बजे फांसी के फंदे पर लटकर जान दे दिया। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुट गई है। परिजनों युवक के शराब पीने की लत से परेशान थे। घटना के बाद पत्नी सहित बच्चों का रोते रोते बुरा हाल है।

ओरवा गांव के देवलाल राजभर के पांच बेटा रामाश्रय राजभर,बीरेन्द्र राजभर,जितेन्द्र राजभर,सहेन्द्र राजभर और राकेश राजभर है। इनके अलावा तीन बेटिया धनिका,ममता और तेतरा है। देवलाल राजभर के पांचों बेटा अलग अलग रहते है। तीसरे नंबर का बेटा 35 वर्षीय जितेंद्र राजभर रात में परिवार और बच्चों के साथ खाना खाने के बाद अलग कमरे में सोया हुआ था।
शुक्रवार की सुबह करीब 4 बजे भोर में करकट नुमा घर में सीसम के बांस की बल्ली में प्लास्टिक की रस्सी में फंदा बनाकर झूल गया। झुलते ही दूसरे कमरे में सो रही पत्नी रीता दौड़कर पति को बचाने के लिये ससुर सहित अन्य लोगों की आवाज देते हुए जोर जोर से रोने लगी। दौड़ते हुए पिता ने दोनों हाथ पकड़कर रस्सी काटते हुए नीचे उतारा तबतक बेटे की मौत होगयी थी। घटना के बाद परिजनों का रोते रोते बुरा हाल था।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम की कार्रवाई में जुट गयी।
इस बाबत प्रभारी कोतवाल वरूणेन्द्र राय ने बताया कि युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। शव का पीएम के लिये भेज दिया गया है।
पत्नी सहित बच्चों का रोते रोते बुरा हाल
युवक को शराब पीने की लत से परिवार के लोग परेशान थे। इसके बाद भी किसी तरह परिवार का भरण पोषण हो रहा था। गुरूवार को मृतक युवक ने बच्चों और परिवार के लिये चिकन भी मंगवाया था। खाना खाने के बाद पत्नी बच्चों को लेकर अलग कमरा में सो रही थी। बेटे की फांसी के फंदे पर लटकने की खबर सुनते ही पिता दौड़ पड़े। दोनों हाथों से बेटे को उठाकर चाकू से रस्सी काटकर नीचे उतरा। अंतिम सांस पिता के गोंद में हुंचकी लेते ही युवक ने दम तोड़ दिया।
बेटे की मौत पर पिता देवलाल सहित पत्नी रीता बेटा शुभम बेटी प्रिया और परी सहित परिवार में भाईयों का रोते रोते बुरा हाल था।


