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Thursday, March 19, 2026
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जवान का शव घर पहुचते ही मचा कोहराम

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

हजारां की संख्या युवा हाथो में तिरंगा लेकर भारत माता जय की लगा रहे थे जयकारे

परिवर्तन टुडे चन्दौली
Story By- मनोज कुमार मिश्रा
चहनियां। बलुआ क्षेत्र के सराय रसुलपुर (सेवई के पुरवा) गांव निवासी राजपूत बटालियन के जवान बिजेंद्र यादव 30वर्ष का बुधवार को निधन हो गया। बृहस्पतिवार को जैसे ही शव उनके पैतृक आवास पर सायंकाल लगभग 5.30 बजे पहुचां कि हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उनके आवास पर पहुच गये और जब तक सूरज चॉद रहेगा तब तक विजेन्द्र तेरा नाम रहेगा, व भारत माता की जयकारे लगाते हुए शव के आगे चल रहे थे। वही खबर लगते सपा सांसद विरेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय विधायक प्रभुनरायण सिंह यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका, सकलडीहा उपजिलाधिकारी कुन्दन राज कपूर, क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी, बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार व भूतपूर्व सैनिक मय भारी पुलिस फोर्स के साथ मृतक जवान के घर पहुच गये।

शव के आगे क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि, सेना के जवान, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, भारी मात्रा में पुलिस फोर्स, रिटायर्ड जवानों का काफिला व साथ ही हजारो की संख्या क्षेत्रीय युवा हाथां में तिरंगा लेकर भारत माता की जयकारे लगाते शव दाह हेतु बलुआ घाट पर गये। जवान के घर सराय रसूल सेवई के पूरा से बलुआ घाट लगभग 6 कि0मी तक काफिला लगा रहा।

शव पहुते ही परिजनो में मचा कोहराम-

जैसे ही बृहस्पतिवार की सायंम 5.30 बजे घर पर शव पहुचा कि माता निमला, पिता लल्लन, पत्नी वन्दना, भाई देवेन्द्र, सतेन्द्र सहित स्वजन नात रिश्तेदारो का रो-रेकर बुरा हाल हो गया। विजेन्द्र बचपन से समभाव सरल स्वभाव का मिलनसार युवा था। उसकी परिवार सहित समाज के अलग पहचान थी।

भारतीय सेना में बना जवान-

विजेन्द्र वर्ष 2018 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश रक्षा करने का संकल्प लेते हुए पहली पोस्टिग लद्दाख में ली और फिर उसका स्थानान्तरण मध्य प्रदेश के सागर में हुआ था। सेना भी अपने दायित्वे का बखूबी निर्वहन करता रहा।

मौत की सूचना स्वजनों को कमाण्डेन्ट के द्वारा लगी-

बद्धवार की सुबह 8ः30बजे जवान बिजेंद्र यादव के पिता लल्लन यादव के मोबाइल पर कमांडेंट का फोन आया कि बिजेंद्र की मौत हो गयी हैं। उक्त बात सुनते ही विजेन्द्र के पिता लल्लन की आवाज धूमिल हो गयी और उनकी आखों से आसुवों की धार बहने लगी।
अभी जब तक लल्लन अपने को संभालते ही उनकी पत्नी व बहु दहाड़े मारकर रोने लगी।

खबर लगते ही उमड़ा जन सैलाब-

जैसे ही फौजी का शव गांव पहुचा कि पूरा उमड़ पड़ा चारे तरफ भारत माता की जय, जब तक सूरज चॉ रहेगा तब तक बिजेन्द्र तेरा नाम रहेगा के गगनभेदी नारे से पूरा गुजांयमान हो रहा था।

ये लोग रहे मौजूद-

विजेन्द्र के शव पहुचते ही सपा सांसद के प्रतिनिधि राहुल सिंह, पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्यामनारायण यादव, क्षेत्रीय विधायक प्रभुनरायण सिंह यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका, सकलडीहा उपजिलाधिकारी कुन्दन राज कपूर, क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी, बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार व क्षेत्रिय भूतपूर्व सैनिक मय भारी पुलिस फोर्स के साथ ही हजारां की संख्या क्षेत्रीय ग्रामीण मृतक जवान के घर पहुच गये।

परिवार की माली हालात-

लल्लन यादव के तीन पुत्र पुत्र थे जिसमें सबसे बड़ा लड़का गुड़गांव में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और छोटा भाई सोनहुला स्थित एक प्राइवेट सकूल में नौकरी करता था। विजेन्द्र सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करता था।

जवान की शादी-

विजेन्द्र की शादी वर्ष 2023में धानापुर थाना क्षेत्र के अटौली गांव में शादी हुई थी। इनके पास एक 6माह की बच्ची दिव्यांली है।

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