परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। तेनुवट गांव में बीते एक फरवरी से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन संत सुनील मिश्रा के आवास पर किया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा से वातावरण भक्तिरस और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा। इस मौके पर भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय भागवत कथा में पहुंचकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कथा व्यास महाराज लोकेश आनंद सरस्वती जी से आशीर्वाद लिया।
कथा वाचक स्वामी लोकेशानंद महाराज जी ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के वात्सल्यपूर्ण जीवन का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार बालकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा और लोकमंगल की प्रेरणा देता है। बाल लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथा के दौरान स्वामी लोकेशानंद महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण और कंस के प्रसंग का भी जीवंत चित्रण किया। उन्होंने बताया कि अधर्म के प्रतीक कंस का अंत धर्म की विजय का प्रतीक है और यह संदेश देता है कि चाहे अत्याचार कितना भी प्रबल क्यों न हो, सत्य और धर्म की ही अंततः जीत होती है। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालुओं में भक्ति के साथ-साथ नैतिक चेतना भी जागृत हुई।
डॉ महेंद्र नाथ पांडे ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है। इससे व्यक्ति को जीवन के उद्देश्य, कर्तव्य और भक्ति का मार्ग मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कारों का संरक्षण होता है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
इस मौके पर सूर्यमुनि तिवारी, जगत नारायण तिवारी, रिंटु प्रधान, अरुण मिश्रा, अभय कुमार पाठक शेरू पाठक, मुसाफिर प्रजापति, रमाकांत पांडे, हरिशेवक चतुर्वेदी,अरविंद मिश्रा,रोहित पांडे,विपिन चौबे, पुतुल दीक्षित, संतोष पांडे, संजय पांडे,शशिकांत पांडे, शिव पूजन पांडे,राधा रमन पांडे,वरुण पांडे, आशुतोष पांडे सहित अन्य रहे।



