spot_img
27.1 C
Varanasi
Monday, September 21, 2026
spot_img

Chandauli news- चन्दौली में उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन का शिकंजा, छापेमारी में 5 दुकानदारों को नोटिस

spot_img
जरुर पढ़े
रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन तथा जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आदेश पर शुक्रवार को जनपद में उर्वरक बिक्री केंद्रों का व्यापक औचक निरीक्षण किया गया। प्रशासन की संयुक्त टीमों ने तहसीलवार छापेमारी कर उर्वरक दुकानों की जांच की और कुल 10 उर्वरक नमूने संग्रहित किए। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर पांच उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।

निरीक्षण के दौरान कन्दवा स्थित मे० गुप्ता खाद भण्डार में वितरण रजिस्टर अधूरा मिलने तथा रेट बोर्ड प्रदर्शित न होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं मे० प्रकाश खाद भण्डार (तलाशपुर), मे० श्रीराम फर्टिलाइजर (कन्दवा) एवं मे० आलोक उर्वरक केन्द्र (कन्दवा) की दुकानें बंद मिलने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) डॉ. पूजा त्रिपाठी द्वारा चकिया एवं नौगढ़ तहसीलों में किए गए निरीक्षण के दौरान मे० रिशु कृषि केन्द्र पर रेट बोर्ड प्रदर्शित न होने तथा वितरण रजिस्टर अद्यतन न मिलने पर नोटिस जारी किया गया।

जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में जिले में 19,545 मीट्रिक टन यूरिया, 5,088 मीट्रिक टन डीएपी, 372 मीट्रिक टन एमओपी, 3,992 मीट्रिक टन एनपीके तथा 13,507 मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

उन्होंने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदते समय अपने साथ फार्मर आईडी अवश्य लेकर आएं। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं है, वे प्रमाणित खतौनी प्रस्तुत कर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे इसे शीघ्र बनवा लें।

जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे अपने बिक्री केंद्रों पर लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर एवं वितरण रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखें तथा निर्धारित सरकारी दरों पर ही उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी  दी कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा ओवररेटिंग, कालाबाजारी अथवा अन्य अनियमितता की शिकायत साक्ष्य सहित प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

spot_img
रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
लेटेस्ट पोस्ट

Chandauli news- कमालपुर में गूंजा व्यापारियों की एकजुटता का संदेश, नए पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी

व्यापारी हितों की रक्षा के लिए संगठन हर संघर्ष को तैयार : रमेश अग्रहरि परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली कमालपुर। उत्तर...

ख़बरें यह भी

error: Content is protected !!
Enable Notifications OK No thanks