बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था की लहर: जो कर सके राम, उसे कर दिखाएं कीनाराम” के उद्घोष से गूंजा रामगढ़

परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली
चहनियां। बाबा कीनाराम की जन्मस्थली एवं तपस्थली रामगढ़ में गुरुवार को आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। “जो कर सके राम, उसे कर दिखाएं कीनाराम” के उद्घोष और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच बाबा कीनाराम के 427वें जन्मोत्सव समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। जन्मोत्सव की अलसुबह कांवड़ियों ने बलुआ स्थित पश्चिमवाहिनी गंगा तट से पवित्र जल लाकर किनेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके बाद बाबा कीनाराम का विधिवत पूजन-अर्चन, हवन एवं आरती हुई। पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।

सोहर और मंगलगीत से भक्तिमय हुआ वातावरण
बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव के अवसर पर महिलाओं ने सोहर एवं मंगलगीत गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रूबी सिंह, संगीता सिंह, रीता, सत्या सिंह, आशा देवी, सुगवंती देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। पूरे दिन बाबा कीनाराम और हर-हर महादेव के जयकारों से रामगढ़ सहित आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा।
डेढ़ घंटे की झमाझम बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की आस्था
जन्मोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का हुजूम लगातार बढ़ता रहा। मठ एवं मेला परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों के साथ स्वयंसेवकों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
क्षेत्रीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
बाबा कीनाराम के 427वें जन्मोत्सव समारोह की शुरुआत अलसुबह पूजन-पाठ के साथ हुई। इसके बाद क्षेत्रीय कलाकारों एवं विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अविनाश सिंह, राकेश तिवारी, राकेश दीक्षित एवं डॉ. परमानंद त्रिपाठी ने मानस पाठ एवं सुंदरकांड का पाठ किया।
बाबा कीनाराम इंटर कॉलेज रामगढ़ के विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं की खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा मजीत लाल यादव, भैयालाल पाठक, किशन राय, सुमन अग्रहरी, प्रभात मिश्रा एवं राजेश उपाध्याय सहित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
बाबा कीनाराम समतामूलक समाज के पक्षधर : सूर्यनाथ सिंह
जन्मोत्सव समारोह के द्वितीय चरण में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने बाबा कीनाराम के जीवन, विचारों एवं सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रखर समाजसेवी सूर्यनाथ सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम सदैव गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए संघर्षरत रहे। उन्होंने सामंतवादी व्यवस्था, छुआछूत और अस्पृश्यता के विरुद्ध आवाज उठाकर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उनका उद्देश्य समतामूलक समाज की स्थापना करना था।
डॉ. अनिल यादव ने बाबा कीनाराम के जीवन-वृत्त पर चर्चा करते हुए कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि हम सभी इस पवित्र धरती पर महाकाल भगवान अघोरेश्वर बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के जीवन, विचारों और उनकी साधना-पद्धति से प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है।
मधु सिंह एवं डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम ने तत्कालीन मुगल शासन के उत्पीड़न और जबरन लगाए जाने वाले करों का विरोध किया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, अस्पृश्यता और भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद कर समाज में स्वतंत्रता एवं चेतना की नई अलख जगाई।
इस अवसर पर केंद्र व्यवस्थापक अरुण सिंह, व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह, धनंजय सिंह, लल्ला सिंह, इंद्रेश कुमार, रूबी सिंह, मिथिलेश सिंह, संतोष पटेल, अनिल पांडेय, बुज्जा पांडेय, दिनेश सोनकर, सुनील विश्वकर्मा, अशोक मौर्य, नंदू गुप्ता, संदीप पाटिल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आयोजन से जुड़े लोग मौजूद रहे।
उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी कुलदीप वर्मा ने दी।




