वैवाहिक कलह से लेकर संपत्ति विवाद तक के मामलों का होगा समाधान, निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जारी हुए टोल फ्री नंबर
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के तत्वावधान में 1 अगस्त से 30 दिसंबर 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0 चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से विभिन्न प्रकार के विवादों का निस्तारण आपसी सहमति और समझ के आधार पर कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे संबंधित पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलने के साथ समय और धन की बचत भी होगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली की पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने बताया कि अभियान के अंतर्गत ऐसे मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है, जिनका समाधान दोनों पक्षों की आपसी सहमति से संभव है।
इन मामलों का हो सकता है निस्तारण
अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, दाम्पत्य कलह, भरण-पोषण, तलाक से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना से जुड़े विवाद, चेक बाउंस के मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी विवाद और समझौते योग्य आपराधिक मामलों का निस्तारण कराया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति के बंटवारे, बेदखली, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को भी मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।
मध्यस्थता से समय और धन की बचत
मध्यस्थता प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य विवादों का समाधान पारस्परिक समझ और सहमति के आधार पर कराना है। इसके माध्यम से मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव है। साथ ही पक्षकारों के बीच आपसी संबंधों में सुधार, समय और धन की बचत तथा विवाद से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने में भी सहायता मिलती है। मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित होने वाले मामलों में नियमानुसार न्याय शुल्क भी देय नहीं होता।
निःशुल्क सहायता के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने बताया कि अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने और पात्र मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया जानने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली से संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 15100 और 18004190234 पर फोन करके निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।


