परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित पात्र नागरिकों और पहली बार मतदान करने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जनपद के सभी मतदेय स्थलों पर 17 और 24 अक्टूबर को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
हर मतदान केंद्र पर बनेगी सहायता डेस्क
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत आयोजित होने वाले दोनों विशेष शिविरों में प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता डेस्क स्थापित की जाएगी। यहां नागरिकों को फार्म-6 भरने, आवेदन करने तथा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन के साथ देने होंगे आवश्यक दस्तावेज
शिविर में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक पात्र नागरिकों को आवेदन के साथ नवीनतम फोटो तथा जन्मतिथि एवं पते से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। संबंधित अधिकारी प्राप्त आवेदनों का अभिलेख सुरक्षित रखेंगे, जिससे पंजीकरण की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सके।
प्रचार-प्रसार और निगरानी की रहेगी व्यवस्था
विशेष शिविरों की जानकारी अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों और सामाजिक संचार माध्यमों का सहारा लिया जाएगा। शिविरों की व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नजर रखेंगे, ताकि पात्र नागरिकों को पंजीकरण कराने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने की नागरिकों से अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जनपद के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने निकटतम मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि सूची में नाम दर्ज नहीं है और वे निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, तो फार्म-6 भरकर पंजीकरण के लिए आवेदन करें। विशेष रूप से पहली बार मतदान करने के पात्र युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है, ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।








