परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। नोएडा में श्रमिकों पर बीते दिनों हुई बर्बर लाठी चार्ज और गिरफ्तारी को लेकर पूरे देश के मजदूरों में आक्रोश है। शनिवार को भाकपा-माले और आल इंडिया सेन्ट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन एक्टू के राज्यव्यापी आह्वान पर तहसील मुख्यालय विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल के नाम संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र सौपा। आंन्दोलनकारियों ने चेताया कि सरकार बंद मजदूरों को रिहा और उनके उपर लगाये गयी फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूरे देश भाकपा माले प्रदर्शन के लिये मजबूर होगा।जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नोएडा में मजदूरों के ऊपर बर्बर तरीके दमन करते हुए प्रदेश सरकार ने अंग्रेजी हूकूमत को भी पीछे छोड़ दिया है। यह पूंजिपतियों और सत्ता के गठजोड़ का उत्कृष्ट नमूना है। केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लागू किए गये 4 लेबर कोड के कारण मजदूरों के श्रम के शोषण की खुली छूट मिल गई है।
किसान महासभा के जिला अध्यक्ष कामरेड श्रवण कुशवाहा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से कारपोरेट परस्त सरकार है। नोएडा की घटना की लीपापोती करने के लिए योगी सरकार पाकिस्तान और नक्सलवादी कनेक्शन होने की बात कहकर अपनी खुफिया एजेंसियों के कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। भगत सिंह का सम्पूर्ण दस्तावेज का सम्पादन करने वाले वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा की गिरफ्तारी इसी पर्दा दारी का नतीजा है।
इस मौके पर प्रदर्शन करने वालो में एक्टू के जिला प्रभारी कामरेड रमेश राय, श्याम देई संतोष कुमार जायसवाल, सारनाथ, रामलाल, गुलाबी, अंजना देवी, रमेश बनवासी, पिंटू बनवासी , हरिशंकर, सरोज देवी ,चंद्रावती देवी , बनारसी ,कमला देवी प्रभावती देवी आदि रहे। संचालन श्रवण कुशवाहा अध्यक्षता रमेश राय ने किया।


