परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
धानापुर। क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। शनिवार को उप जिलाधिकारी सकलडीहा आकांक्षा सिंह ने गंगा किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नौघरा और गुरैनी में कटान का सबसे अधिक असर
निरीक्षण के दौरान नौघरा और गुरैनी गांव में गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटान का असर अधिक दिखाई दिया। गंगा किनारे बसे इन गांवों में कटान के कारण अब तक हजारों बीघा कृषि भूमि नदी में समाहित हो चुकी है। जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
एसडीएम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने ग्रामीणों से गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने की अपील की।
अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
उप जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
बोल्डर और बालू की बोरियां भी नहीं रोक पा रहीं कटान
गुरैनी गांव में गंगा का कटान ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। कटान रोकने के लिए लगाए गए बोल्डर और बालू से भरी बोरियां भी कई स्थानों पर धंसने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी ढंग से कटान पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सुरक्षित भूमि आवंटन न मिलने का ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा
ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी पुरानी समस्याएं भी रखीं। उनका आरोप है कि धानापुर और गुरैनी ग्राम सभा में चकबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। ग्रामीणों के अनुसार, गंगा किनारे रहने वाले परिवारों को कई बार सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक उन्हें भूमि नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थान पर भूमि उपलब्ध करा दी जाती तो उन्हें प्रत्येक वर्ष बाढ़ और कटान की समस्या से जूझने को मजबूर नहीं होना पड़ता।
कई गांव बाढ़ की चपेट में
गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के नरौली, दियाँ, प्रशहता, नौघरा, कवलपुरा, सोनहुली, प्रहलादपुर, गुरैनी और महुजी सहित कई अन्य गांव भी प्रभावित हैं। गंगा किनारे बसे ग्रामीणों में बाढ़ और कटान को लेकर भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी बचाव कार्य कराया जाए तथा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।


