परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। पिछले कुछ दिनों से मैं दुनिया के ऐसे लोगों की कहानियां पढ़ रहा था, जिन्होंने निवेश और चक्रवृद्धि के माध्यम से असाधारण संपत्ति बनाई। मैं उनकी संपत्ति, शुरुआती निवेश, निवेश की अवधि और समय के साथ बढ़ी हुई पूंजी को देख रहा था। लेकिन अचानक मेरा ध्यान एक ऐसी चीज पर गया, जो शायद इन आंकड़ों से भी अधिक दिलचस्प थी—इन लोगों की उम्र।
मैंने दोबारा नाम और उम्र देखी—
ऐन शेबर — 101 वर्ष
हावर्ड मार्कस — 104 वर्ष
लॉटी मार्कस — 99 वर्ष
चार्ली मंगर — 99 वर्ष
वॉरेन बफेट — 95 वर्ष से अधिक
इन आंकड़ों को देखकर मेरे मन में एक मजेदार सवाल आया—कहीं निवेश ही तो सौ साल तक जीवित रखने वाली औषधि नहीं?
बेशक, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। निवेश करने से कोई व्यक्ति सौ वर्ष तक जीवित रहेगा, ऐसा दावा करना पूरी तरह गलत होगा। लेकिन इन लोगों की कहानियों में एक दिलचस्प संयोग जरूर दिखाई देता है।
ऐन शेबर की कहानी
अमेरिका में कर विभाग की लेखा परीक्षक रहीं ऐन शेबर की आय कोई असाधारण नहीं थी। सेवानिवृत्ति के आसपास उनके पास लगभग 5,000 डॉलर की बचत बताई जाती है। उन्होंने निवेश किया, लाभांश को दोबारा निवेश किया और अपनी पूंजी को कई दशकों तक बढ़ने का अवसर दिया।
1995 में जब उनका निधन हुआ, तब उनकी उम्र 101 वर्ष थी और उनकी संपत्ति लगभग 2.2 करोड़ डॉलर बताई गई।
उन्होंने केवल धन का निवेश नहीं किया था, बल्कि अपने धन को समय दिया था।
यही समय चक्रवृद्धि का सबसे बड़ा साथी बन गया।
हावर्ड और लॉटी मार्कस
हावर्ड और लॉटी मार्कस ने वॉरेन बफेट के शुरुआती निवेश दौर में निवेश किया और लंबे समय तक निवेशित बने रहे। समय के साथ उनकी संपत्ति करोड़ों डॉलर तक पहुंच गई।
हावर्ड मार्कस ने 104 वर्ष की आयु प्राप्त की, जबकि लॉटी मार्कस 99 वर्ष की आयु तक जीवित रहीं।
उन्होंने चक्रवृद्धि के सिद्धांत को केवल पढ़ा नहीं, बल्कि कई दशकों तक उसके प्रभाव को अपनी आंखों के सामने देखा।
चार्ली मंगर और धैर्य का महत्व
चार्ली मंगर का निधन 99 वर्ष की आयु में हुआ। वे अपने लंबे निवेश अनुभव और दूरदर्शी सोच के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहे।
उनकी निवेश सोच में एक महत्वपूर्ण बात थी—हर समय कुछ न कुछ करते रहना जरूरी नहीं है।
कई बार अच्छे निवेश के साथ धैर्यपूर्वक टिके रहने की क्षमता ही सबसे बड़ी योग्यता होती है।
निवेश में भी धैर्य जरूरी है और जीवन में भी।
वॉरेन बफेट और समय की ताकत
वॉरेन बफेट ने महज 11 वर्ष की आयु में अपना पहला शेयर खरीदा था। आज वे 95 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं।
जरा सोचिए—यदि किसी व्यक्ति को अपने धन को चक्रवृद्धि के माध्यम से बढ़ने के लिए आठ दशकों से अधिक समय मिल जाए, तो परिणाम कितना बड़ा हो सकता है।
बफेट की संपत्ति का रहस्य केवल बेहतर प्रतिफल नहीं है। मेरे विचार से उसका एक बड़ा हिस्सा है—
प्रतिफल × समय
अच्छा प्रतिफल यदि लंबे समय तक चक्रवृद्धि के साथ बढ़ता रहे, तभी असाधारण परिणाम सामने आते हैं।
इन सभी कहानियों में एक समानता
इन लोगों की कहानियां पढ़ते हुए मुझे एक और समानता दिखाई दी।
दीर्घकालीन निवेशक भविष्य के बारे में सोचता है।
वह केवल अगले सोमवार या अगले महीने की चिंता नहीं करता। वह अगले 10, 20 और 30 वर्षों की योजना बनाता है।
वह आज पैसा लगाता है, क्योंकि उसे विश्वास होता है कि भविष्य आएगा और समय उसके निवेश को बढ़ने का अवसर देगा।
शायद यही कारण है कि यह संयोग इतना रोचक लगता है—
जिन लोगों ने अपने धन को लंबा जीवन दिया, उनमें से कई लोगों ने स्वयं भी लंबा जीवन जिया।
अगर जिंदगी सौ साल की हो गई तो?
इसके बाद मेरे मन में एक दूसरा सवाल आया—
अगर हम सचमुच सौ साल जी गए तो?
हममें से अधिकांश लोग 60 वर्ष की उम्र तक सेवानिवृत्ति की योजना बनाते हैं। लेकिन अगर जिंदगी 90 वर्ष की हुई तो?
95 वर्ष की हुई तो?
या फिर हावर्ड मार्कस की तरह 104 वर्ष की हुई तो?
तब केवल लंबा जीवन जीना ही पर्याप्त नहीं होगा। उस लंबे जीवन को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने के लिए यह भी जरूरी होगा कि हमारा धन हमारे साथ लंबे समय तक बना रहे।
निवेश को कह सकते हैं ‘वित्तीय दीर्घायु का साधन’
इसलिए निवेश को मैं सचमुच सौ साल तक जीवित रखने वाली दवा नहीं कह सकता।
लेकिन मजाक में इसे ‘सौ साल वाली वित्तीय औषधि’ जरूर कह सकता हूं।
क्योंकि निवेश शायद आपकी जिंदगी लंबी न करे—
लेकिन यदि जिंदगी लंबी हो गई, तो उसे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित और आसान जरूर बना सकता है।
इसलिए निवेश करते रहिए, धैर्य रखिए और अपने धन को समय दीजिए।
क्या पता, आपको सौ साल जीना पड़ जाए!
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी
संस्थापक, एलटीपी कैलकुलेटर | सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार
अस्वीकरण: निवेश और दीर्घायु के बीच कोई वैज्ञानिक कारण-संबंध स्थापित नहीं है। यह लेख केवल एक रोचक संयोग के माध्यम से दीर्घकालीन निवेश और चक्रवृद्धि की अवधारणा समझाने के उद्देश्य से है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। योजना से संबंधित सभी दस्तावेज ध्यानपूर्वक पढ़ें।


