पुस्तकें और पठन-पाठन सामग्री भी वितरित की, ग्रामीण बच्चों की शिक्षा को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की सराहनीय पहल
परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। शिक्षा के क्षेत्र में किया गया सहयोग केवल वर्तमान को बेहतर नहीं बनाता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी नई दिशा देता है। इसी भावना के साथ केशवपुर निवासी शिक्षाविद सरोज कुमार श्रीवास्तव ने प्राथमिक विद्यालय केशवपुर के विद्यार्थियों के लिए सराहनीय पहल की। उन्होंने विद्यालय के बच्चों को पुस्तकें और पठन-पाठन की सामग्री वितरित करने के साथ ही 55 इंच का एलजी स्मार्ट एलईडी टेलीविजन भी विद्यालय को सप्रेम भेंट किया। उनके इस योगदान से बच्चों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों से जोड़ने और पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित लिलुआ के अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत सरोज कुमार श्रीवास्तव का यह प्रयास अपने गांव के विद्यालय के प्रति उनके लगाव और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव और सोच को विद्यार्थियों के हित में उपयोग करते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान देना चाहिए।
पुस्तकों और शिक्षण सामग्री से बच्चों को मिला प्रोत्साहन
प्राथमिक विद्यालय केशवपुर में बच्चों को पुस्तकें और पठन-पाठन की सामग्री वितरित किए जाने से विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री मिलने से बच्चों को सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलती है। ग्रामीण परिवेश में विद्यालयों को इस तरह का सहयोग मिलना विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के लिए विशेष महत्व रखता है।

सरोज कुमार श्रीवास्तव ने बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह योगदान किया। उनका प्रयास इस बात का उदाहरण है कि समाज से जुड़ा व्यक्ति अपनी व्यस्त दिनचर्या और कार्यक्षेत्र से दूर रहते हुए भी अपने गांव के बच्चों की शिक्षा के लिए सार्थक भूमिका निभा सकता है।
55 इंच का स्मार्ट टीवी भेंट कर डिजिटल शिक्षा को दिया बढ़ावा
विद्यालय को 55 इंच का एलजी स्मार्ट एलईडी टेलीविजन भेंट करना इस पहल का विशेष आकर्षण रहा। वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। स्मार्ट टीवी के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षिक वीडियो, चित्रों और दृश्य-श्रव्य सामग्री के जरिए विषयों को अधिक सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझने में सहायता मिल सकती है।

इस संसाधन का उचित शैक्षिक उपयोग बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने, उनकी समझ विकसित करने और कक्षा में सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है। यह योगदान केवल एक उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
बीएसए चंदौली की पहल को मिला सार्थक सहयोग
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदौली की ओर से गांव के सक्षम लोगों को अपने गांव के विद्यालयों के विकास में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल की गई है। इसी भावना के अनुरूप सरोज कुमार श्रीवास्तव का योगदान समाज की सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण है। ऐसे प्रयासों से विद्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने में सहायता मिल सकती है।
उपस्थित लोगों ने सराहनीय पहल की प्रशंसा की
इस अवसर पर पूर्व प्रधान अशोक श्रीवास्तव, अरविंद श्रीवास्तव, अशफाक अहमद, नवीन सिंह, संगीता, सुनील कांत राव और चमन उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने विद्यालय के बच्चों के लिए किए गए इस सहयोग को सराहनीय बताते हुए शिक्षा के विकास में समाज की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनुकरणीय योगदान
प्राथमिक विद्यालय केशवपुर के प्रति किए गए इस सहयोग के लिए केशवपुर परिवार ने शिक्षाविद सरोज कुमार श्रीवास्तव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उनका यह प्रयास अन्य लोगों को भी अपने गांव के विद्यालयों और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है।
शिक्षा के मंदिर को बेहतर बनाने के लिए पुस्तकें, शिक्षण सामग्री और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना समाज के भविष्य में निवेश करने के समान है। सरोज कुमार श्रीवास्तव की यह पहल इसी विचार को मजबूत करती है कि जब समाज के जागरूक लोग बच्चों की शिक्षा के लिए आगे आते हैं, तो विद्यालयों में सीखने के अवसरों को और बेहतर बनाया जा सकता है।








