परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। तहसील क्षेत्र के डेढ़गांव स्थित एक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) केंद्र पर संचालित डी.एल.एड पाठ्यक्रम को लेकर सोमवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए संस्थान पर बिना मान्यता के फर्जी तरीके से पाठ्यक्रम चलाने का गंभीर आरोप लगाया।
छात्रों का कहना है कि वे दयालबाग शैक्षणिक संस्थान द्वारा संचालित डी.एल.एड पाठ्यक्रम के विद्यार्थी हैं, जिसका संचालन उक्त केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन अब सामने आया है कि इस पाठ्यक्रम को चलाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से कोई वैध मान्यता प्राप्त नहीं है। धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से लगातार बिना मान्यता के प्रवेश लिया जा रहा है और मान्यता के नाम पर भ्रामक जानकारी देकर उन्हें गुमराह किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि एससीईआरटी की जगह अन्य संस्थाओं का हवाला देकर भ्रम फैलाया गया और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार व धमकी दी गई। छात्रों ने इसे अपने भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए कहा कि उनके दो वर्षों की मेहनत दांव पर लग गई है।
धरने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और पूरे मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि जल्द ही निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी।
इस दौरान छात्रों ने संबंधित केंद्र की मान्यता की जांच, वर्ष 2017 से अब तक की स्वीकृतियों की स्थिति सार्वजनिक करने, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाई तथा प्रभावित छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह मामला अब सैकड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।





