शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार निभा रहा विद्यालय, श्रद्धालुओं ने की पहल की सराहना
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। शिक्षा, संस्कार और सेवा की त्रिवेणी को साकार करते हुए डैडीज इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल, बिशुनपुरा द्वारा संचालित निःशुल्क तीर्थयात्रा बस सेवा निरंतर जनसेवा का नया अध्याय लिख रही है। इसी क्रम में विद्यालय परिसर से शनिवार को वातानुकूलित बस श्रद्धालुओं को लेकर 18वीं बार अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान श्रीराम की पावन नगरी के लिए प्रस्थान किया।
विद्यालय के संस्थापक एवं एलटीपी कैलकुलेटर के आविष्कारक तथा वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में संचालित यह संस्थान सीबीएसई पाठ्यक्रम के साथ विद्यार्थियों को कक्षा छह से ही वित्तीय शिक्षा का व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान कर रहा है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से दक्ष बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, आर्थिक रूप से जागरूक और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने वाला नागरिक बनाना भी है।
‘शिक्षा तभी सार्थक, जब उससे जुड़े सेवा और संस्कार’
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब शिक्षा के साथ सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तभी उसका वास्तविक महत्व सिद्ध होता है।
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि अयोध्या केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का जीवंत संदेश देने वाली पावन भूमि है। भगवान श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
तीर्थयात्रियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की सराहना
रवाना होने से पूर्व तीर्थयात्रियों ने विद्यालय परिसर का भ्रमण किया तथा आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों, छात्रावास व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने विद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ समाजसेवा को प्राथमिकता देने की पहल को अनुकरणीय बताया।
कई महीनों पहले ही आरक्षित हो रहीं सीटें
निःशुल्क तीर्थयात्रा सेवा के प्रति क्षेत्रीय लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि आगामी कई महीनों की यात्रा के लिए श्रद्धालु आधार कार्ड की छायाप्रति जमा कर पहले ही अपनी सीटें निःशुल्क आरक्षित करा चुके हैं। इससे इस सेवा की लोकप्रियता और लोगों का विश्वास स्पष्ट रूप से झलकता है।
भविष्य में अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों तक भी पहुंचेगी सेवा
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह बस अयोध्या के अलावा पूर्व में मथुरा धाम की यात्रा भी करा चुकी है। भविष्य में अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी निःशुल्क तीर्थयात्राओं का विस्तार करने की योजना है।
इस अवसर पर बंशीधर तिवारी, सत्यप्रकाश तिवारी, बबिता तिवारी, सुषमा तिवारी, प्रीतमणि तिवारी, पार्वती तिवारी, जितेंद्र तिवारी, चंद्रकला तिवारी, मधुसूदन, शिवप्रकाश, जीउत, संतोष कुमार, नीतू देवी, शीला देवी, गुड्डी, हीरावती, राजन, विनीत दुबे, भगवान जी, रवि पाण्डेय, अमित शुक्ला, अमित कुमार, सुषमा देवी, पुष्पा गिरि सहित विद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार ने सभी श्रद्धालुओं की सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए प्रार्थना की कि भगवान श्रीराम की पावन नगरी से लौटने वाले प्रत्येक यात्री को आध्यात्मिक शांति, आस्था और नई ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त हो। शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा के समन्वय की यह अनूठी पहल क्षेत्र में प्रेरणा का विषय बनी हुई है।



