परिवर्तन टुडे न्यूज चन्दौली
सकलडीहा। ई ऑफिस रजिस्ट्री को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को अधिवक्ताओं के तहसील मुख्यालय पर सरकार के इस फैसले को लेकर विरोध जताया। विरोध के कारण निबंधन कार्यालय में पांचवे दिन भी काम काज ठप रहा। इससे करीब साठ लाख का राजस्व का नुकसान हुआ है। इस दौरान रजिस्ट्री कार्य ठप होने से जमीन को बेचने और खरीदने वाले तहसील का चक्कर काट रहे है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ई आफिस रजिस्ट्री के माध्यम से अधिवक्ता,स्टांप वेंडर,लिपिक सहित अन्य लोगों के सामने रोजी रोंटी का संकट खड़ा हो जायेगा। शासन की उल जुलूल नितियों से निबंध कार्यालय से लेकर अधिवक्ताओं के सामने संकट खड़ा हो जायेगा। इस माह में करीब 3 करोड़ 37 लाख का रजिस्ट्री कार्यालय का लक्ष्य था। करीब 60 प्रतिशत ही लक्ष्य पूर्ण हुआ था।
बीते पांच दिनों से कार्यालय में काम काज ठप होने से प्रतिदिन दस से पन्द्रह लाख का राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिसे लेकर विभागीय अधिकारी परेशान है। वही अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि शासन निबंधन विभाग को भी प्राइवेट की तरह गांव गांव में निबंध मित्र रखकर हजारों लोगों को बेरोजगार बनाना चाहती है। जबकि उनके पास न तो लॉ की डिग्री है न तो राजस्व के संबधित कोई जानकारी है। शासन की ओर जारी आदेश को वापस लेने तक विरोध जारी रहेगा। इस बाबत उप निबंध अधिकारी हरिओम सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं के विरोध के कारण राजस्व का प्रतिदिन काफी नुकसान हो रहा है।
इस मौके पर विरोध जताने वालों में जनार्दन मिश्रा, सुरेन्द्रकांत मिश्रा, विजय प्रताप सिंह, सोनू सिंह, आशुतोष मिश्रा, अतुल तिवारी, संतोष सिंह, दुर्गेश सिंह और सचिदानन्द सिंह सहित अन्य रहे।


