परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जनपद में नियमों का उल्लंघन करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स के विरुद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (भारी जुर्माना) की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में गठित स्पेशल सेल की समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े अपार्टमेंट, होटल, मैरिज हॉल, अस्पताल तथा अन्य बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों सहित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का शीघ्र चिन्हीकरण कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिन्हित संस्थान में सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट के लिए चार अलग-अलग डस्टबिन अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी संस्थान द्वारा कूड़े का पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण नहीं किया गया अथवा नियमों की अनदेखी की गई, तो संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क वसूला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी चिन्हित बल्क वेस्ट जनरेटर्स के हितधारकों के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं स्पेशल सेल के सदस्य उपस्थित रहे।



