परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। जिले में हुई भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव से आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में अलीनगर के वार्ड नंबर-9 में जलभराव की सूचना पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जलनिकासी की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल प्रभाव से समुचित जलनिकासी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जलनिकासी के लिए पंपों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद नगर पालिका परिषद, पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित अधिकारियों से जलभराव की स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जा रही है।
इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल पंपों की संख्या बढ़ाकर जलनिकासी में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्राथमिकता के आधार पर पानी की निकासी कराई जाए।
खराब नाला और पुलिया बनी जलभराव की प्रमुख वजह
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वार्ड में स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था के लिए जीटी रोड के नीचे से गुजरने वाली क्रॉस पुलिया तथा मुख्य नाला लंबे समय से खराब स्थिति में है। इसके कारण बारिश का पानी समुचित रूप से बाहर नहीं निकल पा रहा है और वार्ड में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को नाले और पुलिया के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने के सख्त निर्देश दिए।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जलनिकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के लिए पंपों के माध्यम से पानी निकाला जाए और स्थायी समाधान के लिए नाला एवं क्रॉस पुलिया का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।


