परिवर्तन टुडे एक्सक्लूसिव | विशेष साक्षात्कार
चंदौली। युवाओं के हाथों में डिग्रियां हैं, आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने हैं, लेकिन उन सपनों को साकार करने के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना आज भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में युवाओं की शिक्षा और बेरोजगारी का सवाल केवल व्यक्तिगत चिंता नहीं, बल्कि समाज और देश के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए चहनियां विकासखंड के रूपेठा गांव निवासी युवा समाजसेवी शिवा तिवारी ने कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के अवसर भविष्य में भी मिल सकते हैं, लेकिन युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।

शिवा तिवारी ने परिवर्तन टुडे के विशेष साक्षात्कार में अपने विचार साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उनका मूल उद्देश्य युवाओं की शिक्षा और बेरोजगारी के मुद्दे को सरकार के सामने उठाना है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य या विधानसभा जैसे राजनीतिक पदों के लिए भविष्य में भी तैयारी की जा सकती है। राजनीति में सक्रिय होने और जनसेवा के अवसर मिलते रहेंगे, लेकिन युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
युवाओं की डिग्री को मिले रोजगार का सहारा
आज बड़ी संख्या में युवा शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। पढ़ाई पूरी करने के बावजूद उन्हें अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर नहीं मिल पाना चिंता का विषय है। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।
शिवा तिवारी ने इन्हीं बुनियादी सवालों को अपनी प्राथमिकता बताते हुए युवाओं के भविष्य पर सार्थक चर्चा की जरूरत को रेखांकित किया। उनके विचारों का मुख्य संदेश यह रहा कि युवाओं के हित से जुड़े मुद्दे किसी भी व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा से ऊपर होने चाहिए।
राजनीति केवल पद नहीं, जनहित की आवाज भी
राजनीति को लेकर शिवा तिवारी के विचारों में जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने का संदेश दिखाई दिया। उनका मानना है कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए अवसर भविष्य में भी मिल सकते हैं, लेकिन शिक्षा और रोजगार जैसी समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक है।
ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत और विधानसभा तक राजनीतिक सफर की संभावनाएं अपनी जगह हैं, लेकिन युवाओं के सामने खड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना भी जरूरी है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ठोस प्रयास ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके सपनों को नई उड़ान देने में सहायक हो सकते हैं।
युवाओं के भविष्य पर सरकार से अपेक्षा
शिवा तिवारी के साक्षात्कार ने युवाओं की शिक्षा और बेरोजगारी से जुड़े उन सवालों को सामने रखा है, जिन पर समाज और सरकार दोनों को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नए अवसरों के सृजन पर ध्यान देना आवश्यक है।
चंदौली के चहनियां विकासखंड अंतर्गत रूपेठा गांव के निवासी युवा समाजसेवी शिवा तिवारी ने अपने विचारों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि युवाओं का भविष्य मजबूत बनाना किसी भी समाज की प्रगति की बुनियाद है। अब सवाल यह है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़ी युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए जिम्मेदार स्तरों पर कितनी गंभीरता से प्रयास किए जाते हैं।
परिवर्तन टुडे एक्सक्लूसिव का संदेश: युवाओं को केवल सपने दिखाना पर्याप्त नहीं, उन सपनों को पूरा करने के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।








