परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों ने बकाया मानदेय के भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को सेवखर गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समीप विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अनुदेशकों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके समाधान की मांग की।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन की मांग
परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति से जुड़े अनुदेशकों ने कहा कि वे पिछले लगभग 14 वर्षों से विद्यालयों में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बकाया मानदेय के भुगतान, सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और सरकार से इन समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।
अनुदेशकों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 4 फरवरी 2026 को पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। साथ ही लंबित बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान करने और वर्तमान पद पर ही नियमित किए जाने के लिए उचित कार्रवाई करने की अपील की।
सम्मानजनक भविष्य के लिए संघर्ष
प्रदर्शन में शामिल अनुदेशकों ने कहा कि उनकी मांगें केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके सम्मान, सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ी हैं। लंबे समय से विद्यालयों में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।
अनुदेशकों के अनुसार, अपनी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बकाया भुगतान और नियमितीकरण से संबंधित समस्याओं का समाधान करने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में शामिल हुए अनुदेशक
इस अवसर पर महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बीनू यादव, इंदुबाला, शशिकला सिंह, सोनी सोनकर, अमरनाथ राय, नरेंद्र कुमार, प्रकाश सिंह, संतोष कुमार, रामनरेश यादव, हैदर अली, अजित कुमार, संजय कुमार, सुरेश जायसवाल, शैलेश कुमार, स्वदेश भारती, अश्वनी कुमार और शत्रुघ्न सोनकर सहित अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे।








