पुरानी पेंशन बहाली और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने समेत लंबित मांगों को लेकर शिक्षकों ने जताया विरोध
परिवर्तन टूडे न्यूज, चंदौली
सकलडीहा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी से संबद्ध सकलडीहा पीजी कॉलेज में शिक्षकों का 30 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को महाविद्यालय के शिक्षकों ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर शासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति विरोध दर्ज कराया। इस दौरान शिक्षकों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए अपनी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज बुलंद की।
आंदोलन का नेतृत्व संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के संयुक्त मंत्री प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की न्यायोचित मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनके समाधान में हो रही देरी शिक्षकों के हितों के प्रतिकूल है। शिक्षक अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। शासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान करना चाहिए।
पुरानी पेंशन बहाली और 65 वर्ष की सेवा आयु की मांग
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने, चिकित्सा अवकाश एवं समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अन्य लंबित सेवा संबंधी मांगों का शीघ्र निस्तारण शामिल है। शिक्षकों ने 30 सूत्रीय मांगपत्र में सम्मिलित सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा लोकतांत्रिक आंदोलन
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की मांगें केवल व्यक्तिगत हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उच्च शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से भी जुड़ा है। शिक्षकों ने संकल्प व्यक्त किया कि जब तक 30 सूत्रीय मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष चंदौली प्रो. दयानिधि सिंह यादव, प्रो. इन्द्रदेव सिंह, प्रो. उदय शंकर झा, प्रो. महेंद्र सिंह, डॉ. शमीम, डॉ. राजेश यादव, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. सीता मिश्रा, डॉ. वंदना, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. अजय कुमार सिंह यादव, डॉ. अजय कुमार यादव, डॉ. अमन मिश्रा, डॉ. अनामिका सिंह, डॉ. रजनीश गुप्ता, डॉ. अनिल तिवारी एवं डॉ. प्रमोद पांडेय सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।



