परिवर्तन टुडे न्यूज चन्दौली
सकलडीहा। तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्र नारायण सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अधिवक्ताओं का आक्रोश बुधवार को भी जारी रहा। तहसील खुलते ही सुबह करीब 11 बजे संयुक्त बार के सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में विरोध जुलूस निकालकर तहसील गेट पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रभारी राजस्व लिपिक के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग करते हुए तीन दिन के अंदर कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन व अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। प्रदर्शन को देखते हुए तहसील परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रही।

गौरतलब है कि बीते सोमवार को तहसीलदार चैंबर में तहसीलदार कार्यालय के मालबाबू प्रभारी राजस्व लिपिक शाकिब अर्सलान और अधिवक्ता उपेंद्र नारायण सिंह के बीच खतौनी संशोधन 38(2) की फाइल रोके जाने को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता के चेहरे और सीने में गंभीर चोट आई, जिसके बाद अधिवक्ता आक्रोशित हो गए।
अधिवक्ताओं के अनुसार घटना के बाद आरोपी लिपिक एसडीएम कार्यालय में जाकर बाथरूम में छिप गया था। एसडीएम के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने शांत होकर लिपिक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित लिपिक का पूर्व में चकिया तहसील में भी अधिवक्ताओं से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसे निलंबित किया गया था। इसके बावजूद सकलडीहा तहसील में पिछले तीन वर्षों से एक ही पद पर तैनाती बनी हुई है।
वकीलों ने आरोप लगाया कि आए दिन फाइलों को रोकने और लेनदेन को लेकर परेशान किया जाता है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी नहीं किए जाने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है।
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम कुंदन राज कपूर को पत्रक सौंपकर आरोपी लिपिक की तत्काल गिरफ्तारी और निलंबन की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
इस मौके पर बार अध्यक्ष अशोक यादव,डेमोक्रेटिक बार अध्यक्ष जनार्दन मिश्रा,महामंत्री आशुतोष मिश्रा,रामराज सिंह यादव,आनंद सिंह,सुभाष सिंह,राजकुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह यादव, नितिन तिवारी, संतोष सिंह, विजय सिंह, दुर्गेश सिंह, शिवगोविंद सिंह, सचिदानंद सिंह, सुरेंद्रकांत मिश्रा,अंगद कुशवाहा,हजारी सिंह,उमाशंकर,राजेश्वर सिंह सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।


