परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली
चहनियां। विकासखंड क्षेत्र के लक्ष्मणगढ़ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक संतदास जी महाराज ने भगवान श्रीराम के चरित्र और राम नाम की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राम नाम के स्मरण से जीव सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर की भक्ति से जुड़ता है और भवसागर से पार होने का मार्ग प्राप्त कर सकता है। कथा का श्रवण कर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे।

मर्यादा और सत्य के प्रतीक हैं भगवान श्रीराम
संतदास जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग और धर्म का आदर्श है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। प्रभु श्रीराम का चरित्र मनुष्य को संयम, कर्तव्यपरायणता, त्याग और सदाचार का संदेश देता है। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर मनुष्य अपने आचरण को श्रेष्ठ बना सकता है।

उन्होंने कहा कि संसार में मनुष्य विभिन्न प्रकार के मोह, माया और चिंताओं से घिरा रहता है। ऐसे में भगवान के नाम का स्मरण मन को शांति प्रदान करता है। राम नाम का निरंतर जाप मनुष्य को ईश्वर के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है।
राम नाम से मिलता है मुक्ति का मार्ग
कथा वाचक संतदास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को राम नाम के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि प्रभु के नाम का स्मरण केवल आध्यात्मिक शांति ही नहीं देता, बल्कि मनुष्य को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है। श्रद्धा और समर्पण के साथ राम नाम का स्मरण करने से जीव भवसागर से पार होने का मार्ग प्राप्त कर सकता है।
भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राजेंद्र पांडेय, उपेंद्र नाथ सिंह “गुड्डू, संजय त्रिपाठी, लक्ष्मीकांत, विंध्याचल तिवारी, धीरेंद्र कुमार पांडेय, आनंद मिश्रा, दीनानाथ यादव, अर्जुन सिंह, आनंद प्रकाश मिश्रा, दिवाकर पांडेय, राजेश्वर, अलख निरंजन, गोल्डी पांडेय, श्याम सुंदर सिंह, योगेंद्र, विनीत पांडेय, शुभम यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


