उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, तीन दुकानों को नोटिस
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर गुरुवार को जिले में उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। उप कृषि निदेशक एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए की संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किए जाने से विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स गुप्ता फर्टिलाइजर, मेसर्स पंकज खाद भंडार तथा मेसर्स शिव खाद भंडार बंद पाए गए। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तीनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अतिरिक्त मेसर्स हरि ओम फर्टिलाइजर, मेसर्स सौम्या फर्टिलाइजर, मेसर्स न्यू जायसवाल खाद भंडार तथा मेसर्स पटेल फर्टिलाइजर का भी गहन निरीक्षण किया गया।
उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 13 नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे।
उप कृषि निदेशक ने आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र, गोरारी से यूरिया, डीएपी एवं अमोनियम सल्फेट के तीन तथा साई खाद भंडार से तीन नमूने लिए। वहीं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए डॉ. पूजा त्रिपाठी ने शहाबगंज क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों से यूरिया, एसएसपी, डीएपी एवं एनपीके के सात नमूने संग्रहित किए।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में जिले में 17,211 मीट्रिक टन यूरिया, 13,887 मीट्रिक टन एसएसपी, 5,100 मीट्रिक टन डीएपी, 4,569 मीट्रिक टन एनपीके तथा 434 मीट्रिक टन एमओपी का भंडार उपलब्ध है।
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक की स्थिति तथा वितरण पंजिका अद्यतन रखें तथा निर्धारित सरकारी दरों पर ही उर्वरकों की बिक्री सुनिश्चित करें। चेतावनी देते हुए कहा कि ओवररेटिंग, कालाबाजारी अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देशन में जिले में उर्वरक बिक्री प्रतिष्ठानों की सघन जांच का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


