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Thursday, March 19, 2026
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दुद्धी उपनिबंधक पुष्पराज श्रीवास्तव समेत 4 पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

दुद्धी उपनिबंधक पुष्पराज श्रीवास्तव समेत 4 पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश , जनजाति की जमीन बैनामा का मामला


सोनभद्र । जनजाति का जमीन पिछड़ी को बैनामा के मामले में अयोध्या सिंह खरवार ने अधिवक्ता विकास शाक्य के जरिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर विशेष न्यायाधीश (Sc/st) आबिद शमीम की अदालत ने दुद्धी रजिस्ट्रार पुष्पराज श्रीवास्तव समेत चार अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है ।

अयोध्या सिंह खरवार ने अधिवक्ता विकास शाक्य के जरिए विशेष न्यायाधीश (Sc/st) की अदालत में 173(4)BNSS का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि दो लाख की आवश्यकता होने पर ज्वाहरलाल से मांगा ज्वाहरलाल ने दुद्धी तहसील में चलकर जमीन बंधक की लिखा पढ़ी करने के बाद पैसा देने की बात कही दिनांक 18.03.2025 को ज्वाहरलाल अपनी पत्नी उर्मिला देवी और एक अन्य साथी जंग बहादुर सिंह को साथ लेकर दुद्धी तहसील आए स्टांप पर लिखा पढ़ी करके हस्ताक्षर कर लिए 2 लाख बैंक खाते में डाल देने की बात करते हुए दुद्धी उपनिबंधक कार्यालय में उपस्थित कराये 

उप निबंधक पुष्पराज श्रीवास्तव ने अयोध्या से जाति भी पूछा खरवार जाति की जानकारी रखते हुए अयोध्या की जमीन का बैनामा पंजीकृत कर दिया! अयोध्या खरवार को इस घटना की जानकारी तब हुई जब 27.03.2025 को कब्जा लेने आबादी जमीन पर चढ़ आए, अयोध्या के खाते में पैसा भी नहीं आया और जमीन का बैनामा हो गया ! इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होने पर अदालत की शरण ली

विशेष न्यायाधीश (Sc/st) आबिद शमीम की अदालत ने अधिवक्ता विकास शाक्य के कानूनी पक्षों को सुनने के पश्चात पुरे मामले पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस क्षेत्राधिकार को विवेचना करने का आदेश दिया है! इस मामले के अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि जनपद सोनभद्र के विभिन्न तहसीलों में अनुसूचित जनजाति के जमीनों को स्वर्ण जाति के लोगों द्वारा धारा 80 राजस्व संहिता में भूमि का श्रेणी पर परिवर्तित कराकर जमीनों का बैनामा ले लिया जा रहा है, जबकि राजस्व संहिता की धारा 99 अनुसूची जनजाति की जमीन का बैनामा किसी अन्य जाति को निषेधित किया गया है अनुसूचित जनजातियों की जमीनों का गैर कानूनी बैनामा अधिकतर ओबरा तहसील में किया जा रहा है, जो गंभीर विषय है!

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