50 लाख से अधिक लागत वाली परियोजनाओं समेत जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, लापरवाह कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। जनपद में विकास कार्यों को गति देने तथा शासन की प्राथमिकताओं को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं, प्रोजेक्ट अलंकार, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण, जल जीवन मिशन, त्वरित पूर्वांचल विकास निधि, विधायक निधि, क्रिटिकल गैप्स योजना तथा सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

समयसीमा में पूरे हों सभी निर्माण कार्य
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंतिम चरण में पहुंच चुकी परियोजनाओं को तत्काल पूर्ण कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।
जल जीवन मिशन और प्रोजेक्ट अलंकार पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण तथा विद्यालयों के कायाकल्प के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार एवं विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्थाओं को फटकार
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं कर्मनाशा-सैयदराजा ऊपरगामी सेतु तथा डीएफसीसी द्वारा निर्माणाधीन ऊपरगामी सेतु की असंतोषजनक प्रगति पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
अधूरे निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान क्षय चिकित्सालय भवन के निर्माण कार्य में शिथिलता तथा काशीराज संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, चकिया के निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब पर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड को डीएफसीसी के ऊपरगामी सेतु निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, धानापुर के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर भी संबंधित संस्था को गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने की हिदायत दी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी परियोजना के क्रियान्वयन में कोई समस्या आती है तो उसकी तत्काल जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने तथा सीएमआईएस पोर्टल पर प्रगति रिपोर्ट समय से अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि बिना कारण कार्य में देरी करने वाली कार्यदायी संस्थाओं, संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, मुख्य चिकित्साधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिशासी अभियंता तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।



