परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल समेकित विद्यालय की गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को चकिया क्षेत्र के गणेशपुर में निर्माणाधीन विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी को निर्माण कार्य में कई खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों और अभियंताओं को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही, चिह्नित कमियों को तत्काल दूर कर निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परखी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय भवन के निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता जांचने वाली मशीन की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही ईंट, सीमेंट, कंक्रीट सहित अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक सामग्री शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। भवन की मजबूती और गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भवन के ढांचे में मिलीं खामियां
निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन के स्तंभों और अन्य संरचनात्मक कार्यों में कई कमियां सामने आईं। निर्माण कार्य में पाई गई इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अभियंताओं को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य है। इसलिए कार्यदायी संस्था यह सुनिश्चित करे कि आगे होने वाला प्रत्येक कार्य गुणवत्ता के निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री मॉडल समेकित विद्यालय बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चिह्नित कमियों को तत्काल दूर करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि और निर्माण कार्य से जुड़े अभियंता उपस्थित रहे।







