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Wednesday, November 4, 2026
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मिट्टी के दिये से जगमग होगी गरीबों की दीपावली !

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

रजनी कांत पांडेय
संपादक परिवर्तन टुडे
…..दीपावली के रूप में विद्यमान एकता की डोर सबको आपस में एक माला की तरह पिरोये हुए हैं। यह एकता विभिन्न रूपों में जैसे जातीय, भाषा, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक एकता तथा इससे भी बढ़कर राष्ट्रीय एकता दृष्टिगोचर होती है। ऐसे में मिट्टी के दिये प्रयोग करने से गरीबों की दीपावली भी जगमग हो सकती है।

समाजसेवी रजनी कांत पांडेय ने कहा कि यह देश विभिन्न पर्वों एवं त्योहारों के आकर्षण योग से बना है। इन्हीं त्योहारों में दीपावली पर्व का प्रमुख स्थान है। दीपावली अनादि काल से चली आ रही परंपरा आज भी मन को मुदित कर देती है। इस पर्व पर मिट्टी के दीए जलाने की परंपरा है।

भारतीय संस्कृति प्राचीन काल से विश्व विख्यात रही है हमारा समाज जहां पश्चिमी सभ्यताओं का अनुसरण कर रहा है वही यूरोपीय देशों के लोग भारतीय संस्कृति का परिमार्जन एवं अंतरण कर रहे हैं। भारतीय सभ्यता को अपने देश के लोग अंगीकार कर रहे हैं तो हम क्यों ना अपनी संस्कृति को हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयत्न करें। आज के परिवेश में विदेशी सामानों का बहिष्कार किया जा रहा है। स्वदेशी वस्तुओं को स्वीकार्य किए जाने की मांग मीडिया के विभिन्न माध्यमों से किया जा रहा है।

ऐसे में भारतीय समाज के कुम्हार जाति ( प्रजापति समाज ) के लोगों के द्वारा बनाए जाने वाले मिट्टी के दिए व बच्चों के लिए खिलौने खरीद कर कुम्हार जाति के बच्चों को अच्छे से दीपावली मनाने का अवसर क्यों ना प्रदान किया जाए। भारत के प्रधानमंत्री जैसे की मन की बात में कह चुके हैं भारतीय संस्कृति को बचाए रखने का प्रयास करते रहना होगा नहीं तो यह लुप्त प्राय हो जाएंगी। और हमें चीनी मिट्टी नहीं बल्कि हमारे भारत की मिट्टी से बने दिए और मूर्तियों का उपयोग अधिक से अधिक संख्या में करना चाहिए जिससे हम लोग भी लाभान्वित में को सके।

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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