परिवर्तन टुडे डेस्क
चंदौली। इस वक्त भीषण गर्मी की गिरफ्त में है, जहां सुरज मानो आसमान से आग बरसा रहा है। सुबह होते ही तापमान तेज़ी से चढ़ने लगता है और दोपहर तक हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि सड़कें सुनी पड़ जाती हैं। बाजारों में सन्नाटा और घरों में कैद लोग—हर तरफ गर्मी का खौफ साफ देखा जा सकता है। लू के तेज थपेड़ों ने इंसानी जिंदगी को तो मुश्किल में डाल ही दिया है, लेकिन सबसे ज्यादा मार पड़ रही है जंगलों के बेजुबान जीवों पर।
चंदौली के जंगलों में पानी के प्राकृतिक स्रोत—तालाब, नाले और पोखरे—लगभग सूख चुके हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि जानवर प्यास से तड़पकर अपने सुरक्षित ठिकाने छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। गांवों में बढ़ी हलचल पानी की तलाश में दर्जनो नीलगाय जनपद के शहाबगंज क्षेत्र मे गांवों की तरफ रुख कर रहे हैं। खेतों और बस्तियों के वही आसपास सियार, खरगोश, नीलगाय और अन्य जानवरों की आवाजाही अचानक बढ़ गई है। ये नज़ारा जहां एक तरफ दया जगाता है, वहीं दूसरी तरफ संभावित खतरे का संकेत भी दे रहा है। इस भीषण गर्मी में अगर हर व्यक्ति अपने घर या खेत के बाहर पानी का एक बर्तन रख दे, तो कई बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती है।


