परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। ईद का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ बनाया गया, ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरे पर खुशी साहब झलक रही थी, गांव की गलियों में लोगों का आना-जाना लगा रहा और हर कोई अपने परिचितों व रिश्तेदारों से मिलकर त्यौहार की शुभकामनाएं देता नजर आ रहा था।
क्षेत्र में ईद पर दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, दिया खुशियों और भाईचारे का संदेश
ईद का त्योहार मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसे चांद के दीदार के बाद मनाया जाता है। चांद दिखाई देने के साथ ही ईद की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, सजावट करते हैं और नए कपड़े खरीदते हैं। इस बार भी क्षेत्र के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ ईद की तैयारियां की थीं।
ईद के दिन सुबह सभी लोग जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर नए कपड़े पहनते हैं और मस्जिदों में पहुंचकर ईद की नमाज अदा करते हैं। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ‘ईद मुबारक’ कहते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया जाता है। सकलडीहा सहित क्षेत्र की मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
त्योहार के इस खास मौके पर घरों में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवान भी बनाए गए। सेवई, शीर खुरमा, बिरयानी और कबाब जैसे व्यंजनों की खुशबू से पूरा माहौल महक उठा। लोग अपने घर आए मेहमानों का आदर-सत्कार करते नजर आए और मिठाइयों के साथ खुशियां बांटी गईं।
गांवों में बच्चों के बीच भी खास उत्साह देखने को मिला। नए कपड़े पहनकर बच्चे इधर-उधर घूमते नजर आए और ईदी पाकर उनकी खुशी दोगुनी हो गई। वहीं, युवाओं ने भी अपने दोस्तों के साथ मिलकर त्योहार का आनंद लिया और दिनभर एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं दीं। ईद का यह पर्व केवल खुशियां मनाने का अवसर ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, प्रेम और एकता का संदेश भी देता है।
इस प्रकार पूरे क्षेत्र में ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने सभी के दिलों में खुशियों की नई उमंग भर दी।
प्रशासन की ओर से भी ईदगाह और प्रमुख मस्जिदों के आसपास सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इस मौके पर डॉ. अकबर, डॉ. गुफरान, खुर्शीद नासिर अली, रोजाना अली, बरकत अली (भोदू), इकराम अली, अलीमुद्दीन सेठ, मोहम्मद यीशु, टूनू खान, अलीम हाशमी, सज्जाद हाशमी, अयान हाशमी, इकराम हाफिज शाहिद सुलेमानी साजिद हाशमी बाबू मोहम्मद कलाम रोशन अली आजाद सिद्दीकी नूर मोहम्मद हाशमी अली अहमद अकबर हाशमी कतारू जाकिर शमीम अहमद आजाद इस्माइल आदि लोग उपस्थित रहे।




