बिजली कटौती और भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कार्रवाई, किसान नेताओं में रोष
परिवर्तन टुडे न्यूज़
चंदौली। सकलडीहा तहसील क्षेत्र के उकनी बीरमराय ग्रामसभा निवासी किसान नेता पिंटू पाल को मंगलवार सुबह उनके आवास पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। उनके साथ किसान नेता विजयकांत पासवान तथा अन्य किसान नेताओं को भी उनके घरों पर ही रोक दिया गया। इस कार्रवाई के बाद किसान नेताओं में नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
नजरबंदी के बाद किसान नेता पिंटू पाल ने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसानों की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि एक किसान नेता को उसके ही घर में नजरबंद किया जाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मैं किसानों की आवाज़ हूँ। मुझे नजरबंद कर मेरी आवाज़ को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन किसानों के अधिकारों की लड़ाई को कभी नहीं रोका जा सकता।”
पिंटू पाल ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की उपजाऊ भूमि का जबरन अधिग्रहण कर रही है। साथ ही बिजली विभाग की अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इन समस्याओं के विरोध में बिजली विभाग के खिलाफ तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित था।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया, ताकि आंदोलन को रोका जा सके। पिंटू पाल ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका दायित्व है और वे भविष्य में भी किसानों के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगे।
किसान नेताओं की नजरबंदी की घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



