शराब के बढ़ते सेवन से घरेलू हिंसा, अपराध और आर्थिक परेशानी का आरोप
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। जनपद में शराब की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी अखिल पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी सकलडीहा आकांक्षा सिंह को पत्रक सौंपा। पत्रक के माध्यम से उन्होंने चंदौली जनपद को शराब मुक्त कराने की मांग उठाते हुए शराब के बढ़ते सेवन से होने वाली सामाजिक समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
अखिल पाण्डेय ने पत्रक में कहा कि क्षेत्र में शराब की बिक्री और सेवन बढ़ने से घरेलू हिंसा, आपसी विवाद, अपराध तथा सामाजिक समस्याओं में वृद्धि हो रही है। शराब के नशे में कई लोगों द्वारा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा चोरी, गाली-गलौज और आपसी विवाद जैसी घटनाओं पर भी शराब के सेवन का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही गई है।
युवाओं और बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा दुष्प्रभाव
पत्रक में कहा गया कि शराब की लत का दुष्प्रभाव युवाओं के साथ-साथ नाबालिग बच्चों पर भी पड़ रहा है। नशे के बढ़ते प्रचलन से युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। शराब पर अत्यधिक धन खर्च होने से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं पर पड़ रहा है।
जनहित में शराबबंदी लागू करने की मांग
अखिल पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से जनहित को ध्यान में रखते हुए चंदौली जनपद में शराब की बिक्री एवं सेवन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से परिवारों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान से बचाने के साथ ही युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने में मदद मिलेगी।
पत्रक के माध्यम से यह भी कहा गया कि यदि शराबबंदी की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी आगे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने “शराब बंद हो, विद्यालय खुलें, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके” का संदेश देते हुए शासन से इस दिशा में ठोस पहल की मांग की।


