104 ग्राम पंचायतों में भुगतान अटकने से मजदूरों की मजदूरी रुकी, साफ-सफाई व पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा असर
परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। प्रदेश सरकार द्वारा 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया, लेकिन दो माह बीत जाने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया शुरू न होने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। सकलडीहा विकास खंड की 104 ग्राम पंचायतों में भुगतान लंबित होने से प्रशासक बने पूर्व प्रधान लगातार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने को विवश हैं।
विकास कार्यों पर लगा ब्रेक
भुगतान न होने के कारण ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे उनमें भी नाराजगी बढ़ रही है। वहीं साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों की मरम्मत तथा अन्य आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दो माह से लंबित हैं भुगतान
प्रशासकों का कहना है कि नियुक्ति के बाद से किसी भी नए कार्य का भुगतान नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, पूर्व में स्वीकृत कार्ययोजनाओं के तहत कराए गए विकास कार्यों का भुगतान भी दो माह से लंबित है। भुगतान रुकने से ग्राम पंचायतों में विकास की रफ्तार थम गई है और ग्रामीण विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
जल्द भुगतान शुरू कराने की मांग
प्रशासकों ने शासन और जिला प्रशासन से भुगतान प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने की मांग की है, ताकि रुके हुए विकास कार्य दोबारा गति पकड़ सकें और मजदूरों को उनका बकाया भुगतान मिल सके।
क्या बोले अधिकारी
इस संबंध में एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने बताया कि प्रशासक नियुक्त होने के बाद कार्ययोजनाओं की स्वीकृति के लिए संबंधित फाइलें जिला मुख्यालय भेज दी गई हैं। स्वीकृति मिलते ही लंबित भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे ग्राम पंचायतों के विकास कार्य पुनः गति पकड़ सकेंगे।



