परिवर्तन टूडे न्यूज, चंदौली। जनपद के धानापुर कस्बा स्थित दशमी पोखरा के विश्वेश्वर महादेव प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम दिन शनिवार को राष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रीराम विवाह, धनुष यज्ञ और राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। महाराज के भजनों पर श्रोता भावविभोर होकर झूम उठे और भक्तिमय वातावरण में श्रीराम कथा का आनंद लिया।
सेवक और नौकर के बीच बताया अंतर
राजन जी महाराज ने सेवक और नौकर के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि जो व्यक्ति कहने पर कोई कार्य करता है, वह नौकर कहलाता है, जबकि जो बिना कहे समय पर और उचित तरीके से कार्य करता है, वही सच्चा सेवक होता है। उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से गुरु सेवा का महत्व बताया। महाराज ने कहा कि लक्ष्मण जी गुरु विश्वामित्र की सेवा के बाद अपने बड़े भाई श्रीराम की सेवा में लग जाते थे। देर रात सोना और सुबह सबसे पहले उठकर गुरु तथा प्रभु की सेवा करना ही उनका उद्देश्य था।
बिना अनुमति फूल तोड़ना भी अनुचित
महाराज ने जनकपुर की पुष्प वाटिका का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पूजा के लिए भी बिना अनुमति फूल नहीं तोड़ने चाहिए। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जब गुरु की पूजा के लिए फूल लेने जनकपुर की वाटिका में गए, तो पहले रखवाले से अनुमति ली और फिर अपने हाथों से फूल चुने। उन्होंने कहा कि संतों और अतिथियों का स्वागत-सत्कार स्वयं अपने हाथों से करना चाहिए। इसी प्रकार भगवान की पूजा और सेवा भी पूरी श्रद्धा से स्वयं करनी चाहिए।
राम विवाह प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
कथा के दौरान राजन जी महाराज ने जनकपुर नगर दर्शन, पुष्प वाटिका में माता सीता और श्रीराम के मिलन, सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ तथा राम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद का विस्तार से वर्णन किया। इसके साथ ही चारों भाइयों के विवाह और मिथिला में अयोध्या से आई बारात के स्वागत-सत्कार के प्रसंग भी सुनाए। महाराज के मुख से रामकथा और भजनों का श्रवण कर श्रद्धालु भक्तिरस में डूब गए।
उपमुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों ने लिया आशीर्वाद
कथा के चौथे दिन शुक्रवार को पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय तथा कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर राजन जी महाराज से आशीर्वाद लिया और कथा का श्रवण किया। वहीं, अंतिम दिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, संजय निषाद और संजय गौड़ ने भी कथा में सहभागिता की और महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आयोजनकर्ता सैयदराजा विधायक सुशील सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विधायक सुशील सिंह ने हजारों लोगों को श्रीराम कथा का श्रवण कराकर पुण्य का कार्य किया है। उन्होंने आयोजकों के निरंतर विकास और उन्नति की कामना की। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सुजीत जायसवाल ने किया।








