परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली
सकलडीहा। विकासखंड क्षेत्र के बथावर गांव में मंगलवार को आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सावन माह में प्रतिवर्ष होने वाली माता काली जी की वार्षिक पूजा विधि-विधान और श्रद्धा के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। पूजा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर माता के समक्ष गांव की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्यता की कामना की।
ग्राम देवताओं की पूजा के बाद निकला भ्रमण
ग्रामीणों की मान्यता और वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार सबसे पहले ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पूरे ग्रामसभा क्षेत्र का भ्रमण करते हुए श्रद्धालु माता काली जी के मंदिर पर पहुंचे। यहां विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की गई तथा गांव को दैवीय कष्टों से मुक्त रखने की प्रार्थना की गई।
पुजारी नारायणी यादव ने कराई पूजा-अर्चना
माता काली जी की वार्षिक पूजा महुवारी निवासी पुजारी नारायणी यादव द्वारा विधि-विधान से कराई गई। बताया जाता है कि प्रत्येक वर्ष होने वाली इस पूजा में नारायणी यादव ही प्रमुख रूप से पूजा-अर्चना कराते हैं। पूजा के दौरान ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर गांव के सभी परिवारों के स्वस्थ एवं निरोग रहने की कामना की।
माता की छत्रछाया बनी रहे, यही कामना
पूजा के दौरान ग्रामीणों ने माता काली जी से प्रार्थना की कि पूरे गांव पर उनकी कृपा और छत्रछाया बनी रहे। गांव में किसी प्रकार का दैवीय संकट न आए तथा सभी परिवार सुखी और समृद्ध रहें। वार्षिक पूजा के चलते पूरे गांव में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
ग्रामीणों के सहयोग से संपन्न हुआ आयोजन
माता काली जी की वार्षिक पूजा ग्राम प्रधान एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न हुई। ग्रामीणों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया।
प्रशासक प्रधान प्रतिनिधि बथावर अर्जुन मौर्य ने बताया कि समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से माता काली जी की वार्षिक पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि यह पूजा गांव की पुरानी धार्मिक परंपरा है, जिसमें प्रत्येक वर्ष ग्रामीण एकजुट होकर माता से गांव की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।


