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Wednesday, October 14, 2026
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Chandauli news- सकलडीहा जलमग्न! तहसील, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों में भरा पानी, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। दो दिनों से सुबह से लेकर देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश ने सकलडीहा कस्बे की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। तहसील परिसर, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, कोतवाली, डायट परिसर, विद्युत उपकेंद्र सहित कई शिक्षण संस्थान और प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर 24 घंटे बाद भी पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों, दुकानों और खेतों में पानी भर जाने से ग्रामीणों और व्यापारियों में आक्रोश है।

सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान जलमग्न

भारी बारिश के बाद सकलडीहा पीजी कॉलेज, सकलडीहा इंटर कॉलेज, अनुसूचित छात्रावास और डायट परिसर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सकलडीहा इंटर कॉलेज का खेल मैदान पानी से लबालब है। वहीं सीओ कार्यालय के समीप मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। तहसील परिसर और अधिवक्ताओं के चैंबरों के आसपास भी बरसात का पानी जमा है।

जलनिकासी की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में तेजी से हो रही प्लाटिंग के दौरान पुराने बड़े नालों और बाहों को पाट दिया गया। उनकी जगह छोटी सीवर पाइप डाल दिए जाने के कारण बारिश का पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसका खामियाजा आसपास रहने वाले लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी पहल नहीं की गई।

पानी निकालने में जुटे रहे ग्रामीण और दुकानदार

जलभराव के कारण कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। लोग इंजन और टुल्लू पंप लगाकर स्वयं पानी निकालने में जुटे रहे। सकलडीहा कोतवाली परिसर में भी बरसात का पानी भर गया, जिसे कर्मियों द्वारा निकालने का प्रयास किया गया। विद्युत उपकेंद्र के स्वीच यार्ड से लेकर परिसर तक पानी जमा होने से भी लोगों में चिंता बनी रही।

समस्या के स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से जलभराव की समस्या झेलने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि तहसील प्रशासन और विकासखंड स्तर के अधिकारी यदि गंभीरता से पहल करें तो जलनिकासी की समस्या का समाधान संभव है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से नालों और जलनिकासी मार्गों की जांच कराकर अतिक्रमण हटाने तथा पर्याप्त क्षमता वाली जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा

लोगों का कहना है कि सकलडीहा क्षेत्र में आए दिन जलभराव की समस्या सामने आती है। क्षेत्र स्थानीय विधायक और मंत्री का क्षेत्र होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना चिंता का विषय है। लगातार जलभराव से लोगों में विभागीय उदासीनता को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। व्यापारियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर सकलडीहा को जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है।

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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