तहसीलदार के निर्देश के बावजूद खतौनी शुद्धीकरण की 38(2)की फाइल रोकने का आरोप
परिवर्तन टुडे न्यूज चन्दौली
सकलडीहा। तहसीलदार के चैंबर में सोमवार को तहसीलदार के प्रभारी राजस्व लिपिक(मालबाबू) शाकिब अर्सलान और अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह के बीच खतौनी शुद्धीकरण 38(2)की फाइल रोके जाने को लेकर विवाद हो गया। जिसमें अधिवक्ता गंभीर रूप से लहुलुहान हो गया। अधिवक्ताओं को घटना की जानकारी होने पर दर्जनों की संख्या में मालबाबू को पकड़ने के लिये दौड़ पड़े। एसडीएम कार्यालय के बाथरूम में घुसकर लिपिक ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। एसडीएम कुंदन राज कपूर ने मालबाबू के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर आक्रोशित अधिवक्ताओं को शांत कराया।

कोतवाली पहुंचकर अधिवक्ताओं ने प्रभारी राजस्व लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि लिपिक ने चाकू से हमला किया वही लेखपाल संघ ने बताया कि तहसीलदार चैंबर की कुर्सी से चोट लगी है।

अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह खतौनी शुद्धीकरण 38(2)की फाइल को लेकर बीते शुक्रवार को तहसीलदार अनुराग सिंह से मिलकर स्वीकृत कराये जाने का आग्रह किया था। तहसीलदार ने प्रभारी राजस्व लिपिक को फाइल को स्वीकृत कराये जाने का निर्देश दिया था। उसके बाद भी लिपिक की ओर शनिवार को भी फाइल स्वीकृत नहीं हुआ।

सोमवार को अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह पुन: तहसीलदार चैंबर में पहुंचकर लिपिक से मिलकर फाइल के बारे में पूछने लगे। जिस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। जिसमें अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। लहुलुहान अधिवक्ता को देख अधिवक्ता आक्रोशित हो गये। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए लिपिक भागकर एसडीएम कार्यालय के बाथरूम में अंदर से दरबाजा बंदकर घुस गया। एसडीएम और तहसीलदार वार्ता कर रहे थे। अचानक अधिवक्ताओं के पहुंचने पर खलबली मच गया। लिपिक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया। अंत में अधिवक्ताओं का समूह कोतवाली पहुंचकर प्रभारी राजस्व लिपिक के खिलाफ मुकमदमा दर्ज कराया।
इस बाबत कोतवाल भूपेंद्र कुमार निषाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद सिंह,जनार्दन मिश्रा,राजकुमार सिंह,राजेश्वर सिंह रज्जू,पंकज कुमार सुभाष सिंह, विजय प्रताप सिंह,आलोक पांडेय,भूपेन्द्र नारायण सिंह,अशोक यादव,पंकज सिंह यादव,नितिन तिवारी,अजय रंजन,अतुल तिवारी,रिंकू सिंह,सुरेश यादव, दुर्गेश सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
लेखपाल संघ और अधिवक्ता आमने सामने
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता को चाकू से मारने का आरोप को निराधार बताया है। तहसीलदार चैंबर में मारपीट में कुर्सी से अधिवक्ता को चोट लग गया था। बैठक करके लेखपाल संघ आन्दोलन की रणनीति बनायेगा। वही अधिवक्ता संघ की ओर से राजस्व लिपिक पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया। लेखपाल के निलंबन और गिरफ्तारी तक अधिवक्ताओं का आन्दोलन जारी रहेगा।


