सकलडीहा पीजी कॉलेज में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर संगोष्ठी, विद्यार्थियों को किया जागरूक
परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। पीजी कॉलेज के सभागार में बुधवार को बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. इंद्रदेव सिंह ने की। मुख्य वक्ता प्रो. दया शंकर ने बौद्धिक संपदा अधिकार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पेटेंट, प्रतिलिप्यधिकार, व्यापार चिह्न सहित अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी दी।

मौलिक विचारों और शोध को संरक्षण देना जरूरी
मुख्य वक्ता ने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार, शोध और रचनात्मक कार्यों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने में बौद्धिक संपदा अधिकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अपने मौलिक विचारों, शोध कार्यों और रचनात्मक कृतियों के संरक्षण के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा किए गए मौलिक शोध, नवाचार अथवा रचनात्मक कार्य का उचित संरक्षण मिलने से उसके अधिकार सुरक्षित रहते हैं तथा उसके कार्य के अनधिकृत उपयोग को रोकने में भी सहायता मिलती है।
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बढ़ रही उपयोगिता
वक्ताओं ने बौद्धिक संपदा अधिकार की वर्तमान समय में बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में इसका महत्व लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ अपने मौलिक विचारों और शोध कार्यों के विधिक संरक्षण के प्रति भी जागरूक होना चाहिए।
संगोष्ठी में उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़ी जानकारियों को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने मौलिक कार्यों के अधिकारों के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के संयोजक अमन मिश्रा रहे, जबकि संचालन प्रो. शमीम राइन ने किया। इस अवसर पर डॉ. सीता मिश्रा, डॉ. राजेश यादव, प्रो. दयानिधि सिंह यादव, डॉ. योगेंद्र तिवारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।


