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Saturday, June 20, 2026

अपने को खोजना ही नारद जी की पत्रकारिता : जितेन्द्र तिवारी

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

नारद जी के गुणों को प्रचारित करने की आवश्यकता : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती के अवसर पर संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित

परिवर्तन टुडे डेस्क
वाराणसी। स्वाधीनता आन्दोलन में पत्रकारिता लोगों को एकजूट करने एवं ब्रिटिश हुकूमत का विरोध दर्ज कराने का सशक्त माध्यम थी। स्वाधीनता आन्दोलन में पत्रकारिता एक हथियार बन गई थी, जिसने ब्रिटिश हुकूमत के नाक में दम कर दिया था। उक्त बातें नई दिल्ली हिन्दुस्थान समाचार एजेन्सी के संपादक जितेन्द्र तिवारी ने विश्व संवाद केन्द्र काशी एवं समाजशास्त्र विभाग व मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयन्ती के अवसर पर रविवार को संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह के आयोजन कही।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययनपीठ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि मीडिया का काम कुछ भी हो परन्तु उसका मूल उद्देश्य संवाद ही है। मीडिया का कार्य जिज्ञासा उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि संवाद तर्क है, विवाद नहीं। खुले मन से संवाद करना ही पत्रकारिता है। सत्यनिष्ठ पत्रकारिता ही समाज एवं सरकार के बीच सामंजस्य स्थापित कर सकती है। जब से मिशन से कमीशन में बदली है तब से पत्रकारिता जीवन खतरे में पड़ा है। अपने को खोजना ही नारद जी की पत्रकारिता है। हमें जन से जुड़ना होगा। एक पृथ्वी एक परिवार भारत का मूल मंत्र है। अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि हमें गलत विचारों का त्याग करना होगा। नारद जीवन देने वाले हैं। हमें नारद के गुणों को प्रचारित करना होगा। यहीं भविष्य की पत्रकारिता है। कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि नारद जी को पत्रकार के रूप में स्थापित करना होगा। नारद जी समरसता देखते थे। पत्रकारिता को समरूपता में देखना चाहिए। आपदा को मैनेज करने वाले पत्रकार नारद थे। हमें मानवता को स्थापित करना है। पंच परिवर्तन हमारी सनातन का अस्तित्व है। समय के अनुरूप पत्रकारिता को बदलना होगा। साथ ही विश्व के साथ सामंजस्य स्थापित करके भारतीय ज्ञान परम्परा का संचय, प्रसार एवं विकास करना होगा। इस मौके पर पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम मे स्वदेश दैनिक के प्रयागराज संवाददाता शिवाशंकर पाण्डेय, आज दैनिक, वाराणसी के डॉ. जिनेश कुमार, दैनिक जागरण, वाराणसी की वरिष्ठ उप सम्पादक वन्दना सिंह, तरुण मित्र दैनिक जौनपुर के संपादक आदर्श कुमार, न्यूज नेशन वाराणसी के सुशांत कुमार मुखर्जी एवं हिन्दुस्तान दैनिक वाराणसी के उप ब्यूरो प्रमुख अशोक मिश्रा शामिल रहे। स्वागत विश्व संवाद केन्द्र, काशी न्यास के सचिव प्रदीप कुमार, विषय प्रस्थापना काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अत्रि भारद्वाज, संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. अम्बरीष राय एवं धन्यवाद ज्ञापन विश्व संवाद केन्द्र, काशी न्यास, काशी प्रांत के अध्यक्ष डॉ. हेमन्त गुप्ता ने किया।

इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रो. राकेश तिवारी, महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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