परिवर्तन टुडे डेस्क
चंदौली। पुलिस और स्वाट/एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में हाईवे पर लूटपाट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। गिरोह के सदस्य महिला का भेष धारण कर राहगीरों और वाहन चालकों को रोकते थे तथा सुनसान स्थानों पर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।
क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार ने बताया कि 17 मई को अमेठी निवासी ज्ञानेन्द्र तिवारी ने थाना चंदौली में तहरीर देकर बताया कि वह वाराणसी से बिहार जा रहे थे। इसी दौरान भगवानपुर नहर के पास चार बदमाशों ने उनकी गाड़ी रुकवाकर मारपीट की और 42 हजार रुपये नकद लूट लिए। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में थाना चंदौली पुलिस और स्वाट/एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।
रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि हाईवे पर लूट करने वाला गिरोह भगवान तालाब के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बिहार के मोहनिया निवासी उपेंद्र यादव के पैर में गोली लग गई, जबकि पुलिस ने मौके से चारों बदमाशों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में उपेंद्र यादव, मंजय कुमार, बहादुर ठठेरा और मुस्तफा शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस और 2045 रुपये नकद बरामद किए हैं। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हाईवे और सुनसान इलाकों में वाहन चालकों को निशाना बनाते थे। कभी महिला का भेष धारण कर मदद मांगने के बहाने वाहन रुकवाते थे तो कभी रास्ता पूछने के नाम पर चालक को रोक लेते थे। वाहन रुकते ही चालक के साथ मारपीट कर नकदी, मोबाइल और अन्य सामान लूट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना उपेंद्र यादव बिहार में पहले भी लूट, छिनैती और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में जेल जा चुका है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को चंदौली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा


