परिवर्तन टुडे डेस्क
चंदौली। तपती दोपहर और झुलसाती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग गली-गली, चौक-चौराहों पर लस्सी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये राहत आपके स्वास्थ्य पर भारी भी पड़ सकती है? स्वाद और ठंडक के नाम पर लोगों को परोसी जा रही है मिलावटी और खतरनाक लस्सी, जिससे पेट की बीमारियों से लेकर खाद्य विषाक्तता तक का खतरा बढ़ रहा है। हैरानी की बात ये है कि जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं और दुकानदार खुलेआम खाद्य मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
चंदौली शहर में भीषण गर्मी के चलते लस्सी की मांग अचानक बढ़ी है। यही नहीं जिले मे मुगलसराय, सकलडीहा, बबुरी, पढ़ाव, चहनियां, धानापुर, इलिया, सैयदराजा, बस स्टैंड, टेंपो स्टैंड जैसे प्रमुख स्थानों पर दर्जनों अस्थायी दुकानों पर लस्सी, मट्ठा, गन्ने का रस, आइसक्रीम व रंग-बिरंगे पेय पदार्थ बिक रहे हैं। लेकिन अधिकतर दुकानदार न तो सफाई का ध्यान रखते हैं और न ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ इस हद तक हो रहा है कि कई दुकानों पर केमिकलयुक्त लस्सी परोसी जा रही है। ये ‘मीठा ज़हर’ न केवल शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि लंबे समय तक इसके सेवन से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
सकलडीहा स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय यादव का कहना है कि मिलावटी लस्सी और पेय पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, डायरिया, टायफॉइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इससे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
खाद्य विभाग की चुप्पी
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले पर खाद्य एवं रसद विभाग की कोई सक्रियता नहीं दिख रही है। विभाग की ओर से न तो नियमित निरीक्षण हो रहे हैं और न ही सैंपल जांच की कोई प्रक्रिया।


