हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर चकिया में संगोष्ठी आयोजित
परिवर्तन टुडे
चीफ एडिटर/रजनी कांत पांडेय
चंदौली। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा चकिया स्थित आदित्य पुस्तकालय सभागार में एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, बदलते मीडिया परिदृश्य और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की चुनौतियों पर गंभीर मंथन हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरणविद एवं वृक्षबंधु डॉ. परशुराम सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं बल्कि समाज की चेतना का प्रहरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक बदल सकती है, लेकिन पत्रकारिता का मूल धर्म सत्य और समाज के प्रति जवाबदेही ही रहेगा।
संगोष्ठी में प्रस्तुत विशेष आलेख “मिशन से प्रोफेशन, पैशन से आगे अब फैशन बनी पत्रकारिता” ने उपस्थित पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने चिंता जताई कि सोशल मीडिया के युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
इस अवसर पर एक हिंदी दैनिक अखबार के वरिष्ठ पत्रकार शीतला प्रसाद राय को उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में एक हिंदी दैनिक अखबार के वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्यूरो चीफ के.सी. श्रीवास्तव ने उन्हें स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
पत्रकारिता में विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण स्थान: मनोज कुमार मिश्रा
वहीं मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि आज के समय में पत्रकारिता में विश्वसनीयता का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के सचिव के.सी. श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया। वहीं मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया की चकिया तहसील इकाई में मुख्तार शेख को तहसील उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा, विनय कुमार राय, राहुल त्रिपाठी, अजय कुमार, मिथिलेश गुप्ता, अनिल द्विवेदी, ज्ञान प्रकाश सिंह, राजकुमार जायसवाल, धर्मवीर सिंह, सुधांशु जायसवाल, अभिषेक उपाध्याय सहित अनेक पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


