डिजिटल व्यवस्था से बीज उत्पादन से लेकर किसान तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला होगी पारदर्शी, 369 में से अब तक केवल 135 व्यवसायियों ने कराया पंजीकरण
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बीज व्यवसायियों के लिए कड़ा रुख अपनाया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी बीज व्यवसायी भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ पर आगामी 25 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन पंजीकरण एवं विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करा लें। निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूर्ण न करने वाले बीज व्यवसायियों के विरुद्ध लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि ‘साथी पोर्टल’ का उद्देश्य देशभर में बीज के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं बिक्री व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। इस व्यवस्था के लागू होने से बीज की गुणवत्ता एवं प्रमाणिकता का सत्यापन सरल और प्रभावी होगा। साथ ही किसी भी बीज की उत्पादन इकाई से लेकर अंतिम उपभोक्ता अर्थात किसान तक की संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) का डिजिटल अभिलेख विभाग के पास उपलब्ध रहेगा। इससे नकली, अमानक तथा अवैध स्रोतों से बेचे जाने वाले बीजों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि जनपद के सभी बीज उत्पादकों, बीज प्रसंस्करण इकाइयों, थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को साथी पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज करना अनिवार्य है। इसके लिए विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से बीज अनुज्ञापन पत्र (लाइसेंस), पैन कार्ड, जीएसटी संबंधी विवरण तथा प्रतिष्ठान से संबंधित आवश्यक अभिलेख पोर्टल पर अपलोड किए जाने हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 369 बीज व्यवसायियों के सापेक्ष अब तक केवल 135 व्यवसायियों ने ही पोर्टल पर अपना पंजीकरण एवं विवरण अद्यतन कराया है, जबकि शेष व्यवसायियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यवसायी को ऑनलाइन पंजीकरण अथवा विवरण अपलोड करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई आ रही है, तो वह जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके बावजूद यदि कोई व्यवसायी 25 जुलाई 2026 तक पंजीकरण नहीं कराता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



