परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। बलुआ थाना क्षेत्र के डेरवा खुर्द गांव में शनिवार सुबह सर्पदंश से कक्षा सात की 13 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में उसे उपचार के लिए सकलडीहा कस्बा स्थित चिकित्सक के पास ले गए। वहां से छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रेफर कर दिया गया। सीएचसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद करीब चार घंटे तक छात्रा का शव स्ट्रेचर पर पड़ा रहा और परिजन पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। करीब 11 बजे बलुआ पुलिस के पहुंचने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई।

सुबह कमरे में बैठी थी छात्रा, अचानक बिगड़ी हालत
डेरवा खुर्द गांव निवासी मुन्ना राम की पांच बेटियां ज्योति, आरती, निधि, राधिका और रिया तथा एक बेटा आदित्य है। राधिका पांचवें नंबर की बेटी थी और गांव के विद्यालय में कक्षा सात में पढ़ती थी। उसकी मां का वर्ष 2020 में निधन हो चुका है। मुन्ना राम मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार देर रात खाना खाने के बाद मुन्ना राम बच्चों के साथ छत पर सो गए थे। शनिवार सुबह करीब छह बजे राधिका छत से नीचे उतरकर कमरे में बैठी थी। इसी दौरान उसे सर्पदंश की आशंका जताई गई, जिसके बाद वह अचेत हो गई।
चिकित्सक ने सीएचसी किया रेफर
राधिका की हालत बिगड़ते ही परिजन उसे तत्काल सकलडीहा कस्बे के एक निजी चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे सीएचसी रेफर कर दिया। सीएचसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

चार घंटे तक पुलिस का इंतजार
सीएचसी प्रशासन की ओर से घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। मामला बलुआ थाना क्षेत्र का होने के कारण सकलडीहा पुलिस ने बलुआ पुलिस को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि बलुआ पुलिस के पहुंचने में करीब चार घंटे लग गए। इस दौरान छात्रा का शव सीएचसी में स्ट्रेचर पर पड़ा रहा और पिता सहित परिजन पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। करीब 11 बजे बलुआ पुलिस सीएचसी पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।
इस संबंध में सकलडीहा कोतवाल भूपेंद्र निषाद ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर बलुआ पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस सीएचसी आने के बजाय जिले के मोर्चरी हाउस पहुंच गई थी, जिसके कारण वहां पहुंचने में देरी हुई।



