रामगढ़ में युद्धस्तर पर शुरू हुई तैयारियां, लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली
चहनियां। बाबा कीनाराम की जन्मस्थली एवं तपस्थली रामगढ़ में आगामी 10, 11 एवं 12 सितंबर को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय बाबा कीनाराम जन्मोत्सव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। शुक्रवार की देर शाम पीठाधीश्वर अघोराचार्य सिद्धार्थ गौतम राम ने जन्मोत्सव स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर सहित मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जन्मोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने तथा आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, आवागमन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया।
दिशा-निर्देश मिलते ही युद्धस्तर पर शुरू हुआ कार्य
पीठाधीश्वर के निर्देश के बाद कार्यक्रम के व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह के नेतृत्व में तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं। आयोजन स्थल को व्यवस्थित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के आवागमन और ठहराव सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है।
हर वर्ष बाबा कीनाराम जन्मोत्सव रामगढ़ में बड़े ही श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ ही बिहार और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लाखों भक्त बाबा कीनाराम के दर्शन कर जन्मोत्सव में शामिल होते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने कसी कमर
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन भी आयोजन को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में जुट गया है। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
वहीं, क्षेत्र के सैकड़ों युवा भी बाबा कीनाराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए निःस्वार्थ भाव से जन्मोत्सव की तैयारियों में दिन-रात जुटे हुए हैं। युवा स्वयंसेवक विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग कर आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
जन्मोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर तैयार किया जा रहा है, ताकि दर्शन, प्रसाद ग्रहण और आवागमन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। मंदिर प्रबंधन की ओर से सभी संबंधित लोगों को जिम्मेदारियां सौंपकर तैयारियों को समय से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक अरुण सिंह, व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह, धनंजय सिंह, लल्ला सिंह, इन्द्रेश कुमार, रूबी सिंह, मिथिलेश सिंह, संतोष पटेल, अनिल पांडेय, बुज्जा पांडेय, दिनेश सोनकर, सुनील विश्वकर्मा, अशोक मौर्य, नन्दू गुप्ता, संदीप पाटिल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी कुलदीप वर्मा ने दी।


