राजन जी महाराज की कथा में राम के आदर्शों, मर्यादा और पारिवारिक संस्कारों का हुआ वर्णन
परिवर्तन टूडे न्यूज, चंदौली
धानापुर। दशमी तालाब के समीप स्थित श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे एवं समापन दिवस पर श्री राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

राम विवाह प्रसंग ने किया भावविभोर
कथा के दौरान श्री राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए उनके जीवन आदर्शों, मर्यादा, प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा पर प्रकाश डाला। उन्होंने रामचरित के माध्यम से भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन रहे और प्रभु श्रीराम का स्मरण किया।
कई प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने श्री राजन जी महाराज के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
धार्मिक आयोजनों से मिलता है संस्कारों का संदेश
श्रीराम कथा के समापन दिवस पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। ऐसे धार्मिक आयोजन भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में सद्भाव, नैतिकता, संस्कार और धार्मिक चेतना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।








