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Wednesday, May 6, 2026
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भगवत कृपा और नाम जप से ही सारे पाप दूर होते हैं – मदन मोहन दास महाराज

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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विकासखंड होलागढ़ के ग्राम सभा चौबारा दुबान में हरेंद्र नाथ द्विवेदी के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिवस में  भागवत कथा में गुरुवार को कथा व्यास श्री मदन मोहन दास महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला , नंदोत्सव ,राक्षसी पूतना वध ,कालिया दमन ,लीला महा रास लीला आदि का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया। 

कथा पंडाल से दिलीप कुमार द्विवेदी की खास रिपोर्ट होलागढ़ । प्रयागराज । विकासखंड होलागढ़ के ग्राम सभा चौबारा दुबान में हरेंद्र नाथ द्विवेदी के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिवस में  भागवत कथा में गुरुवार को कथा व्यास श्री मदन मोहन दास महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण की बाललीला, नंदोत्सव, राक्षसी पुतुना वध, कालियादमन लीला, महारास लीला आदि का वर्णन किया।

उन्होंने कहा की जगत में भगवान की कृपा बिना कुछ भी संभव नहीं है। भगवान के नाम से ही सारे पाप दूर होते हैं। मानव मात्र को ही समाज में अच्छे कर्म करना चाहिए। प्राप्त ओहदा का सदुपयोग करना चाहिए व फल की कामना किए बगैर कर्म करते रहना चाहिए। अच्छे कर्म का फल हमेशा अच्छा मिलता है और बुरा कर्म का फल बुरा होता है इसलिए हमें हमेशा सत्कर्म करना चाहिए।

कथा व्यास श्री मदन मोहन दास महाराज जी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण जब मात्र छह दिन के थे तब राक्षसी पुतना श्री कृष्ण को मारने गोकुल पहुंची थी , और कृष्ण ने पुतना का वध किया था। श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला दिव्य व आध्यात्मिक थी।

कथावाचक ने महा रासलीला के बारे में बताया कि इसमें भगवान श्रीकृष्ण व गोपियों का रासलीला निश्चल प्रेम को प्रमाण मिलता है। शरद पूर्णिमा के रात यमुना तट पर महा रास का आयोजन किया गया था जिसमें जितनी गोपी उतने कृष्ण ने महा रास की थी। रासलीला में कृष्ण को छोड़ कर किसी अन्य मर्द का वहां जाना निषेध था जबकि भगवान भोलेनाथ ने महिला के वेश वेष में रास का दर्शन किए थे।

कथावाचक ने कहा कि हम सांसारिक मोह माया में पड़ कर भगवान को भूल जाते हैं जबकि विपत्ति आने पर भगवान को याद करते हैं। भगवान कथा को लेकर चौबारा दुबान और आसपास के गांवों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

उल्लेखनीय हैं कि विकासखंड होलागढ़ के ग्राम सभा चौबारा दुबान में हरेंद्र नाथ द्विवेदी के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास श्री मदन मोहन दास महाराज जी के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है ।

भगवान श्री कृष्ण के रास लीला पर कई झांकियां प्रस्तुत की गई और भजन कीर्तन करते हुए बड़े धूमधाम से मनाया गया नारायण की रास लीला, कार्यक्रम के आयोजक बृजेश कुमार द्विवेदी , बृजेंद्र कुमार द्विवेदी ,बृज किशोर द्विवेदी व सहयोगी सोनू द्विवेदी ,अनिल कुमार द्विवेदी ,आदर्श द्विवेदी , अंकित द्विवेदी , शिवम द्विवेदी ,गौरव द्विवेदी ,अंकुश द्विवेदी सहित समस्त ग्रामवासी कथा स्थल पर उपस्थित रहे।

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