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Sunday, September 6, 2026
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Chandauli news- जलभराव से शिक्षण संस्थान बेहाल, पठन-पाठन और प्रशिक्षण प्रभावित

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। करीब बीस दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण सकलडीहा तहसील मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में जलनिकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। तहसील परिसर, मार्गों और शिक्षण संस्थानों के आसपास जलभराव होने से किसानों, ग्रामीणों, दुकानदारों के साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बारिश के पानी के कारण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सकलडीहा पीजी कॉलेज और सकलडीहा इंटर कॉलेज में पठन-पाठन तथा प्रशिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार जलभराव की समस्या के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

डायट परिसर में भरा पानी, प्रशिक्षण स्थगित

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में 24 अगस्त से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को पांच बैच में सक्षम हस्तपुस्तिका आधारित विषय का प्रशिक्षण दिया जाना है। बारिश के बीच प्रथम बैच का प्रशिक्षण किसी तरह पूरा कराया गया, लेकिन डायट परिसर और प्राचार्य कक्ष तक पानी पहुंच जाने के कारण एक से तीन सितंबर तक प्रस्तावित प्रशिक्षण स्थगित करना पड़ा।

अब तृतीय बैच का प्रशिक्षण सोमवार से प्रस्तावित है। प्रशिक्षण को लेकर डायट कर्मी परिसर में जमा पानी निकालने के लिए दो इंजन लगाकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों का प्रयास है कि प्रशिक्षण शुरू होने से पहले परिसर को जलभराव से मुक्त कराया जा सके।

कॉलेजों के मैदान बने तालाब

लगातार बारिश के कारण सकलडीहा पीजी कॉलेज और सकलडीहा इंटर कॉलेज के मैदान में भारी जलभराव हो गया है। मैदानों में पानी जमा होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही आसपास के मार्गों पर भी पानी जमा होने के कारण पठन-पाठन प्रभावित है।

तहसील मुख्यालय और कॉलेज मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में यही समस्या सामने आती है।

किसानों और दुकानदारों की बढ़ी परेशानी

बारिश और जलभराव के कारण क्षेत्र के किसान भी परेशान हैं। खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। वहीं, तहसील और आसपास के बाजार क्षेत्र में पानी जमा होने से दुकानदारों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अधिकारियों की ओर से स्थायी समाधान नहीं किए जाने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।

अवरोध करने वालों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम

इस संबंध में उपजिलाधिकारी आकांक्षा सिंह ने बताया कि जलनिकासी को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जलनिकासी में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तहसील मार्ग पर नाला निर्माण शुरू, राहत की उम्मीद

पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से सकलडीहा तहसील मार्ग का चौड़ीकरण कराया गया था, लेकिन तहसील मार्ग से करीब तीन सौ मीटर हिस्से में नाला निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था। इसके कारण लगातार बारिश के दौरान तहसील मुख्यालय के आसपास जलभराव की समस्या गंभीर हो गई।

जलनिकासी की समस्या को लेकर सपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन और उपजिलाधिकारी आकांक्षा सिंह की तत्परता के बाद अब तहसील मार्ग पर नाला निर्माण के लिए सामग्री गिराने के साथ कार्य शुरू करा दिया गया है। नाला निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों और दुकानदारों में जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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