परिवर्तन टुडे
चंदौली। जनपद में शनिवार को दिनदहाड़े हुई साइकिल सवार युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए एक शातिर शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है, जबकि उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद कर लिया गया है। मामले में एक अन्य शूटर अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि शनिवार को अलीनगर थाना क्षेत्र के टटिया-पटपरा मार्ग पर मनोज कुमार नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक मनोज कुमार रोज की तरह सुबह अपने काम पर निकले थे, लेकिन दोपहर में उनकी हत्या की सूचना मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद मृतक के भाई अशोक कुमार खरवार की तहरीर पर थाना अलीनगर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अलीनगर थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि हत्याकांड में शामिल दोनों शूटर बिहार राज्य के निवासी हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भोजपुर (बिहार) निवासी सूरज उर्फ राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद जब पुलिस उसे हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए लेकर गई, तभी आरोपी ने पहले से लोडेड पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया।
जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ और विवेचना के दौरान इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं तथा फरार दूसरे शूटर के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अब हत्या के पीछे की साजिश, आपसी रंजिश और संभावित सुपारी कनेक्शन समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधी अब दूसरे राज्यों से आकर भी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि चन्दौली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि तकनीकी निगरानी और संयुक्त अभियान के जरिए गंभीर अपराधों के खुलासे में तेजी लाई जा सकती है। पुलिस अधीक्षक ने संकेत दिया है कि मामले से जुड़े कई बड़े खुलासे आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए जा सकते है।


