3.55 करोड़ की लागत से निर्मित कार्यालय का राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने किया लोकार्पण
परिवर्तन टुडे न्यूज
चन्दौली। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं निबंधन विभाग ने जनपद को एक महत्वपूर्ण सौगात प्रदान करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में नवनिर्मित उप निबंधक सदर एवं सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) निबंधन कार्यालय भवन का बुद्धवार को भव्य लोकार्पण कराया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस भवन का उद्घाटन प्रदेश के स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन, दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया।

करीब 3 करोड़ 55 लाख 76 हजार रुपये की लागत से निर्मित यह भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। इसके निर्माण से जनपदवासियों को रजिस्ट्री, स्टाम्प एवं निबंधन संबंधी कार्यों के लिए अधिक सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इस अवसर पर राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। इसी क्रम में चन्दौली को यह आधुनिक निबंधन कार्यालय भवन समर्पित किया गया है, जिससे आमजन को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं प्राप्त होंगी।
राज्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं डीड राइटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज और निबंधन विभाग के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं। सरकार उनके कार्यों को सुगम एवं सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नए भवन में वकीलों एवं वादकारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
लोकार्पण समारोह के उपरांत राज्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में आम का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, डीड राइटर्स तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह नवीन भवन जनपद में प्रशासनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



