एक से 19 वर्ष तक के बच्चों-किशोरों को कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान शुरू
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। जनपद में बच्चों और किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़ों यानी कृमि संक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, चंदौली में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं को स्वयं एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान का संदेश दिया।

विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों तक पहुंचेगी दवा
स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे अभियान के तहत जिले में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा मदरसों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसी कारणवश जो बच्चे दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें निर्धारित मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाए।
कृमि संक्रमण से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पेट में कृमि संक्रमण होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे कुपोषण और खून की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं तथा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर कृमि मुक्ति की दवा खिलाने से बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। स्वस्थ बच्चे पढ़ाई में बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और उनका समुचित विकास भी होता है।
स्वच्छता और हाथ धोने के प्रति बच्चों को करें जागरूक
जिलाधिकारी ने अध्यापकों और अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए दवा खिलाने के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जाए। बच्चों को भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, साफ-सफाई रखने तथा स्वच्छ भोजन एवं पानी का उपयोग करने की आदत डालने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।



