परिवर्तन टुडे चन्दौली
Story By- मनोज कुमार मिश्रा
चहनियां। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांव गांव बने सामुदायिक शौचालय खुद बीमार हैं। ब्लाक क्षेत्र में तो ज्यादातर शौचालय पर ताले लटके हैं। कहीं पानी की टंकी गायब है तो कहीं नल, पाइप उखड़े हैं। मजबूरी में लोग फिर से खुले में शौच जा रहे हैं।
सामुदायिक शौचालयों को बनवाने के पीछे मकसद था कि जिन घरों में शौचालय नही है या फिर राह चलते लोगों की तकलीफ दूर हो उनके लिए शौचालय का निर्माण कराया गया था। लाखों रुपये की लागत लगाये जाने के बाद भी शौचालयों का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी, मोटर, शीट और टायल्स लगाये गये हैं। बेहतरीन तरीके से बनाये गये शौचालयों की हालत बेहद खराब हो गयी है। ऐसे में स्वच्छता की पोल खुल रही है। टंकी कहां गायब है इसका भी जिम्मेदारों को पता नहीं है।

सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी गायब
सराय गांव में पानी की टंकी गायब थी। सामुदायिक शौचालय के ठीक सामने बड़ी बड़ी घास खड़ी पायी गयी। रास्ता भी ऐसा नहीं था जिससे सामुदायिक शौचालय में जाया जा सके। ग्रामीणों को शिकायत है कि अक्सर केयर टेकर भी नहीं रहते हैं। पानी का इंतजाम न होने से इस शौचालय का मकसद समझ नही आ रहा है।

बलुआ घाट सामुदायिक शौचालय में भी पानी का अता पता नही था। शौचालय के सामने गंदगी का अंबार था। शौचालय में ताले लटके पाये गये। जबकि बलुआ स्थित मां भागीरथी के पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्नान के लिए श्रद्धालु आते हैं। किनारे पर शौचालय में से आ रही दुर्गंध से स्नान करना भी दुश्वार हो गया है। इस दुर्गंध से संक्रमण बीमारी फैलने की हमेशा आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर केयर टेकर को भी लोगों ने नही देखा है। रास्ता भी सही नही है। कल्याणपुर , मारूफपुर, मझिलेपुर, डेयौढा, प्रभुपुर में भी शौचालय में ताले लटके मिले। यहां पर भी शौचालय के सामने गंदगी का अंबार था।
सामुदायिक शौचालय के संदर्भ में पूछे जाने पर बीडीओ ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है अब संज्ञान में आया है शौचालय का जांच करा के उचित कार्रवाई की जाएगी।







